logo_banner
Breaking
  • ⁕ Shardiya Navratri 2026: नागपुर सहित विदर्भ में नवरात्रि की धूम, देवी मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Amravati

Amravati: चुनाव की आपाधापी में बर्बाद खेती का लटका पंचनामा, 56 हजार हेक्टेयर में फसलों को भारी नुकसान


अमरावती: अमरावती में तूफान और बेमौसम बारिश के कारण छह दिनों में 56 हजार हेक्टेयर में सब्जी और फलों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। इस तूफानी बारिश में 13 मवेशी मर गए हैं और डेढ़ हजार घर ढह गए हैं। हालांकि जिला कलेक्टर ने पंचनामा करने का आदेश दिया है, लेकिन क्षेत्रीय तंत्र के चुनाव कार्य में व्यस्त होने के कारण पंचनामा रुका हुआ है। किसानों का सवाल है कि सरकार कब मदद करेगी। 

नवंबर के आखिरी सप्ताह से बेमौसम बारिश का दौर जारी है। बाद में दिसंबर, फिर फरवरी और अब अप्रैल माह में भी जिले में छह दिन से बारिश की मार पड़ रही है। इसमें रबी गेहूं, चना, प्याज, संतरा, नींबू, केला समेत अन्य फसलों को नुकसान हुआ है। 

अप्रैल माह के नुकसान को छोड़कर अब तक पिछले नुकसान का ही पंचनामा हुआ है। दिलचस्प बात यह है कि किसानों को 26 नवंबर से 7 दिसंबर के बीच हुए नुकसान का पैसा बढ़ी हुई दर पर मिला है। हालांकि जिले में 16 मार्च से लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के कारण सभी सरकारी विभाग के कर्मचारी इलेक्शन ड्यूटी में व्यक्सत्य हैं, जिसके चलते इस बेमौसम बारिश से हुए नुकसान का पंचनामा नहीं हो पाया है।