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विद्युत वितरण कंपनी के खिलाफ धारणी में किसानों का जन अधिकार आंदोलन, पांच दिन में समस्या हल होने का मिला आश्वासन


अमरावती: गांवों में बिजली न होने से परेशान किसानों ने विद्युत वितरण कंपनी के खिलाफ आज यहां उपविभागीय अधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। किसानों ने जन अधिकार किसान आंदोलन के माध्यम से उपविभागीय कार्यालय में धरना देकर अधिकारी को लिखित ज्ञापन सौंपा। किसानों की मांगों पर ध्यान देते हुए विद्युत वितरण कंपनी के अभियंता ने प्रदर्शनकारियों को लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद विरोध प्रदर्शन वापस लिया गया।

मानसून के दौरान प्रकृति की मार के कारण किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ। कर्ज में डूबे कई किसान फिर से साहूकारों के जाल में फंस गए और रबी सीजन की फसलें लगा दीं। सिंचाई की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं होने से सभी किसान रबी फसलों की सिंचाई के लिए बिजली वितरण कंपनी पर निर्भर थे। लेकिन सिंचाई के दौरान बिजली कटौती के कारण रबी फसल बर्बाद होने से किसान चिंतित हैं।

रात के समय बिजली नहीं रहने से जंगली जानवर किसानों की फसलों को रौंद कर भारी क्षति पहुंचा रहे हैं। मेलघाट टाइगर रिजर्व के कई गांवों में किसानों का जीवन खतरे में है क्योंकि हिंसक जंगली जानवर उग्र हो रहे हैं और मवेशियों और इंसानों पर भी हमला कर रहे हैं।

विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों की जिम्मेदारी थी कि वे किसानों को खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए समय पर बिजली आपूर्ति प्रदान करें। लेकिन इस वर्ष नियमित सिंचाई के समय बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण खरीफ फसलों की समय पर सिंचाई नहीं हो सकी। इससे किसानों की रबी फसल को भारी नुकसान हुआ। इसी चलते जनक्रांति सेना के नेतृत्व में यह प्रदर्शन किया गया। 

किसानों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए विद्युत वितरण कंपनी के इंजीनियर ने पांच दिन में बिजली की समस्या का निराकरण करने का लिखित आश्वासन दिया है। इस आश्वासन के बाद विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया गया।