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जून-जुलाई में बारिश से 375 हेक्टेयर में खेती प्रभावित, कलेक्टर ने भेजा प्रस्ताव, 32 लाख रुपये की मांग


अमरावती: इस साल जून और जुलाई महीने में भारी बारिश के कारण छह तहसीलों में 375 हेक्टेयर में 765 किसानों की फसल 33 फीसदी खराब हो गई है। इसके चलते कलेक्टर ने शासन से 'एनडीआरएफ' के मापदण्ड के अनुरूप 32.28 लाख रुपये की निधि की मांग की है।

इस साल, मानसून समय पर आया, लेकिन इसकी धीमा होने के कारण बुआई में देरी हुई। उसके बाद जून के अंत से जुलाई तक बारिश से राहत मिली। इस दौरान 23 राजस्व मंडलों में भारी बारिश से बोई गई फसलों को नुकसान हुआ, साथ ही खेतों में पानी भर गया और फसलें बर्बाद हो गईं।

नदी-नालों में बाढ़ आने से किनारे के खेतों में लगी फसलें उखड़ गईं और किसानों को भारी नुकसान हुआ। इस मामले में जिला कलेक्टर सौरभ कटियार ने पंचनामा करने के आदेश दिये थे।

कृषि और राजस्व विभाग के संयुक्त निरीक्षण के बाद पता चला है कि छह तहसीलों के 375 हेक्टेयर में सोयाबीन, अरहर, कपास, ज्वार और मक्का की 37 प्रतिशत फसल खराब हो गई है।

किसानों की सहायता के लिए जिलाधिकारी द्वारा 8500 रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से 32,28,550 रुपये का प्रस्ताव मंडलायुक्त के माध्यम से शासन को भेजा गया है।