logo_banner
Breaking
  • ⁕ Shardiya Navratri 2026: नागपुर सहित विदर्भ में नवरात्रि की धूम, देवी मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Amravati

Amravati: बाजार में टमाटर हुए सस्ते, अन्य सब्जियों के दामों में हुई बढ़ोतरी


अमरावती: जुलाई की शुरुआत में 100 तक पहुंची टमाटर की कीमत में काफी गिरावट आई है. अमरावती शहर के खुदरा बाजार में टमाटर अब 40 रुपये प्रति किलो के दाम पर बिक रहा है. हालांकि, अन्य सब्जियों के दाम बढ़े हुए हैं और इनमें उतार-चढ़ाव हो रहा है. 

सब्जियों की कीमत में 10 से 20 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है. इससे शहर में आम आदमी का बजट बढ़ गया है. बाजार में इस समय प्याज 50 रुपये प्रति किलो और आलू 40 रुपये प्रति किलो बिक रहा है.

लहसुन की कीमत सबसे ज्यादा है और 450 रुपये प्रति किलो बिक रहा है. मुंगना 100 से 120 रुपये प्रति किलो बिक रहा है, जबकि ग्वार और अन्य फल्लीदार सब्जियां अभी भी 100 रुपये प्रति किलो बिक रही हैं.

मंगलवार को श्री कृष्ण जन्माष्टमी का त्यौहार होने के कारण शहर में साप्ताहिक बाजार में काफी भीड़ रही. धनिया के दाम काफी बढ़ गए हैं और 200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं. 

जिले में भारी बारिश के कारण सब्जियों के नुकसान के कारण उत्पादकता में कमी आयी है. त्योहारी सीजन के चलते सब्जियों की मांग है. सब्जियों के दाम बढ़ने से मजदूरी करने वाले गरीब लोगों का आर्थिक बजट काफी गड़बड़ा गया है.