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Amravati: विदर्भ में 18 साल में पहली बार हुई कम बारिश, 11 जिलों में सिर्फ़ 687 मिमी बारिश रिकॉर्ड, एल-नीनो का असर


अमरावती: इस साल का मॉनसून सीजन विदर्भ के लोगों के लिए पहले से कहीं ज़्यादा खराब और सूखा रहा है। विदर्भ में 18 साल में पहली बार मॉनसून सीजन में कम बारिश रिकॉर्ड की गई। यह खतरनाक स्थिति अब किसानों समेत आम लोगों की टेंशन बढ़ाने वाली है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह एल-नीनो का नतीजा है।

इस साल मानसून पर अल नीनो के मजबूत प्रभाव के कारण, ऐसे संकेत थे कि वरुण राजा उसे धोखा देंगे। मौसम विज्ञानियों ने भी मानसून से पहले यही भविष्यवाणी की थी। जैसी उम्मीद थी, वैसा ही हुआ। विदर्भ में चार महीनों में केवल 687 मिमी बारिश हुई, जो औसत बारिश (937 मिमी) से 26 प्रतिशत कम है। 

पिछले 18 वर्षों में यह पहली बार है जब कम बारिश हुई है। इससे पहले, 2009 में सबसे कम 654 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। विशेष रूप से, 1901 से 2026 तक की 125 साल की अवधि में सबसे कम बारिश 534.5 मिमी 1920 में हुई थी। अगर हम विदर्भ के 11 जिलों के आंकड़ों को देखें, तो केवल गोंदिया में इस वर्ष 1206 मिमी औसत बारिश हुई है। जबकि सबसे कम 407 मिमी बारिश अकोला जिले में दर्ज की गई। सबसे चिंताजनक स्थिति छह जिलों में है, जिनमें अमरावती, अकोला, वाशिम, वर्धा, चंद्रपुर और नागपुर शामिल हैं।