logo_banner
Breaking
  • ⁕ Shardiya Navratri 2026: नागपुर सहित विदर्भ में नवरात्रि की धूम, देवी मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Bhandara

Bhandara: कृषि क्षेत्र में 16 घंटे बिजली दो, नहीं तो कुर्सी छोडो; किसानों ने शुरू किया आंदोलन


भंडारा: जिले के पलोरा, जम्भोरा, करडी, कोका क्षेत्र के किसानों ने जम्भोरा से पैदल मार्च निकालकर करडी स्थित बिजली वितरण कार्यालय के सामने आमरण अनशन करने की धमकी दी है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में 16 घंटे की जगह मात्र 12 घंटे ही बिजली दी जा रही है। आंदोलन का यह कदम किसानों को कम से कम 16 घंटे बिजली देने के लिए उठाया गया है।

16 घंटे बिजली देने की मांग को लेकर 12 फरवरी को अनशन शुरू किया गया था। उस समय बिजली वितरण विभाग के अधिकारियों ने पहले दिन दौरा कर 12 घंटे बिजली देने का लिखित आश्वासन दिया था। इससे अनशन समाप्त हो गया था। बिजली वितरण विभाग ने अगले 10 दिनों तक 12 घंटे बिजली दी, लेकिन बाद में इसे फिर से घटाकर 8 घंटे कर दिया गया, जिससे किसानों में असंतोष बढ़ गया है।

किसानों को फसल कटाई के समय पानी और बिजली की सख्त जरूरत होती है, इसलिए उन्होंने खेतों में बोरवेल लगवा लिए हैं और बिजली कनेक्शन भी ले लिया है। लेकिन, 8 घंटे की अवधि में बार-बार बिजली कटने के कारण, वास्तव में केवल 4 से 5 घंटे ही बिजली मिल पाती है। इस कारण किसानों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है।