logo_banner
Breaking
  • ⁕ नागपुर स्नातक सीट के लिए भाजपा ने जारी किया घोषणापत्र, युवाओं और रोजगार पर विशेष फोकस ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र सरकार में फेरबदल की अटकलों पर प्रतापराव जाधव का बयान, बोले- एकनाथ शिंदे नाराज़ नहीं ⁕
  • ⁕ चुनाव आते ही उर्दू स्कूलों की याद क्यों? किरण सरनाईक पर यशोमती ठाकुर का निशाना ⁕
  • ⁕ शिक्षकों का चुनाव प्रचार में इस्तेमाल हुआ तो रद्द होगी संस्था की मान्यता! चंद्रशेखर बावनकुले की चेतावनी ⁕
  • ⁕ अनिल बोंडे का बागी उम्मीदवार डॉ. संगीता शिंदे को आशीर्वाद, महायुति में बढ़ी कलह ⁕
  • ⁕ Akola: काटेपूर्णा और मोर्णा बांध से मिलेगा 24.03 दलघमी पानी, शहर की जलापूर्ति को राहत ⁕
  • ⁕ Chandrapur: पति के सामने बाघ ने महिला पर किया हमला, खेत में काम करते समय दर्दनाक मौत..! ⁕
  • ⁕ Buldhana: 'हमें भीख नहीं, मदद चाहिए', बुलढाणा में किसान संघ ने कद्दू और चॉकलेट देकर सरकार के खिलाफ निकाला गुस्सा.. ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Bhandara

Bhandara: जिला परिषद स्कूलों में शिक्षकों के 1000 पद खाली, खतरे में छात्रों का भविष्य


भंडारा: भंडारा जिला परिषद के अंतर्गत आने वाले स्कूलों में शिक्षकों की कमी है. जिले में एक हजार शिक्षकों की कमी होने से अब छात्रों का भविष्य अंधकार में है.

भंडारा जिले में, जिला परिषद स्कूल अब अंतिम इकाई की गिनती कर रहे हैं. वजह है शिक्षकों की कमी. जिले के ग्रामीण इलाकों में आज भी गरीबों के बच्चे जिला परिषद के स्कूलों में पढ़ रहे हैं.

लेकिन, जिले में एक हजार शिक्षक कम होने से अभिभावक छात्रों की पढ़ाई को लेकर चिंतित हैं. जिस स्कूल में कक्षा 1 से 7 तक की पढ़ाई होती है, वहां 5 शिक्षक हैं. ये पांच शिक्षक एक साथ 7 कक्षाओं को कैसे पढ़ा सकते हैं?

एक तरफ सर्व शिक्षा अभियान के तहत हर बच्चे को सीखने का अधिकार है. सरकार ऐसा कहती है और बड़े-बड़े विज्ञापन जारी कर रही है. लेकिन जिलों में स्थिति यह है कि जिस स्कूल में छात्र पैदा होते हैं, वहां शिक्षकों की कमी है, जो छात्रों को पढ़ायेंगे.

इस बारे में प्रशासन को बार-बार अवगत कराया गया, लेकिन सरकार नये शिक्षकों की भर्ती नहीं कर रही है. ऐसे में छात्रों का भविष्य अंधकार में है.