logo_banner
Breaking
  • ⁕ नागपुर स्नातक सीट के लिए भाजपा ने जारी किया घोषणापत्र, युवाओं और रोजगार पर विशेष फोकस ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र सरकार में फेरबदल की अटकलों पर प्रतापराव जाधव का बयान, बोले- एकनाथ शिंदे नाराज़ नहीं ⁕
  • ⁕ चुनाव आते ही उर्दू स्कूलों की याद क्यों? किरण सरनाईक पर यशोमती ठाकुर का निशाना ⁕
  • ⁕ शिक्षकों का चुनाव प्रचार में इस्तेमाल हुआ तो रद्द होगी संस्था की मान्यता! चंद्रशेखर बावनकुले की चेतावनी ⁕
  • ⁕ अनिल बोंडे का बागी उम्मीदवार डॉ. संगीता शिंदे को आशीर्वाद, महायुति में बढ़ी कलह ⁕
  • ⁕ Akola: काटेपूर्णा और मोर्णा बांध से मिलेगा 24.03 दलघमी पानी, शहर की जलापूर्ति को राहत ⁕
  • ⁕ Chandrapur: पति के सामने बाघ ने महिला पर किया हमला, खेत में काम करते समय दर्दनाक मौत..! ⁕
  • ⁕ Buldhana: 'हमें भीख नहीं, मदद चाहिए', बुलढाणा में किसान संघ ने कद्दू और चॉकलेट देकर सरकार के खिलाफ निकाला गुस्सा.. ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Bhandara

Bhandara: कैबिनेट ने गोसीखुर्द में वैश्विक जल पर्यटन के लिए 101 करोड़ रुपये किये मंजूर


भंडारा: राज्य सरकार ने गोसीखुर्द जलाशय क्षेत्र में विश्व स्तरीय पर्यटन क्षेत्र विकसित कर स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए 101 करोड़ 55 लाख के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई में समिति की बैठक में यह निर्णय लिया। राज्य सरकार इस योजना को पीपीपी मॉडल पर विकसित करेगी।

ज्ञात हो कि, बीते वर्ष मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने घोसीखुद डैम परिसर का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने इस क्षेत्र को अंतराष्ट्रीय स्तर के जल पर्यटन स्थलके रूप में विकसित करने का ऐलान किया था। इसके पीछे राज्य सरकार का मकसद क्षेत्र का विकास करना और यहाँ के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना था। 

बुधवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई हाई पावर कमेटी की बैठक में इस प्रस्ताव को लेकर अनुशंसा की गयी। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में एक शिखर समिति की बैठक में गोसीखुर्द जलाशय क्षेत्र में विश्व स्तरीय पर्यटन क्षेत्र विकसित करने के लिए 101 करोड़ 55 लाख के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। हाल ही में पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग ने इस संबंध में एक सरकारी आदेश जारी किया है।

महाराष्ट्र पर्यटन विकास निगम और विदर्भ सिंचाई विकास निगम के बीच हस्ताक्षरित एमओयू के अनुसार, गोसीखुर्द जलाशय क्षेत्र में उक्त परियोजना सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के माध्यम से की जाएगी।