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Bhandara

Bhandara: ब्रिटिशकालीन स्कूल की छत गिरी, टला बड़ा हादसा


भंडारा: साकोली शहर के सबसे पुराने ब्रिटिश कालीन जिला परिषद सेंट्रल हायर प्राइमरी स्कूल की जर्जर इमारत के स्लैब का एक हिस्सा अचानक ढह गया। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई छात्र हताहत नहीं हुआ, लेकिन बड़ी अनहोनी की आशंका बनी हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही जनप्रतिनिधि विद्यालय पहुंचे और जिला परिषद प्रशासन से इस मामले में तत्काल ध्यान देने की मांग की।

जिला परिषद केंद्रीय उच्च प्राथमिक विद्यालय 10 जुलाई को रोज की तरह 10 बजे घंटी बजी। यहां आमतौर पर 10:30 बजे प्रार्थना होती है। यदि बारिश हो रही हो तो यह प्रार्थना भवन के दाहिनी ओर बरामदे में की जाती है। प्रार्थना 10 से 15 मिनट तक चली। इसी बीच सुबह करीब 10:30 बजे जब बच्चे प्रार्थना समाप्त कर ऊपरी बरामदे से क्लास में जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी बरामदे में कंक्रीट स्लैब का एक बड़ा हिस्सा अचानक गिर गया। छात्रों के मैदान में  होने के कारण कोई अप्रिय घटना नहीं हुई, लेकिन यदि बच्चा कक्षा में जाता तो अनर्थ हो सकता था।

इससे पहले भी इसी विद्यालय के कक्षा कक्ष का जर्जर हिस्सा ढह गया था। कक्षा 1 की पढ़ाई के दौरान स्कूल में भारी तबाही हुई है। कुछ कक्षाओं में दरारें पड़ गई हैं। इस गंभीर और जानलेवा घटना के बाद पंचायत समिति शिक्षा विभाग को कई शिकायतें की गई है। लेकिन, प्रशासन इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई।

घटना की जानकारी मिलने पर पूर्व पार्षद एड। मनीष कपगते और डॉ। गजानन डोंगरवार ने स्कूल जाकर सरकार से इस बेहद संवेदनशील मामले पर घटना की जांच करने और यहां की जर्जर इमारत के कक्षाओं के रखरखाव का निर्माण तुरंत शुरू करने की मांग की है। कक्षाओं के लिए दी गई धनराशि वापस क्यों चली गई? मांग की गई है कि इसे भी गंभीरता से लिया जाए।

घटना के बाद स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष प्रकाश कोवे, उपाध्यक्ष लीना चाचाने, सदस्य आशीष चेडगे, रवि भोंगाने, हेमंत भारद्वाज, अमित लांजेवार, रामदास अगाशे ने इस मुद्दे को उठाया है और भविष्य में इस बारिश के कारण ऐसी कोई घटना होती है तो जनहानि हुई है तो प्रशासन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाएगा, यह समझाया गया है।