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Bhandara

Bhandara: सहकारी समितियों में सचिवों की नियुक्ति का रास्ता हुआ साफ़, राज्य सरकार ने नए दिशानिर्देश किये जारी


भंडारा: राज्य सरकार के सहकारिता एवं विपणन एवं वस्त्रोद्योग विभाग ने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों और विभिन्न कार्यकारी सहकारी समितियों में सचिवों की नियुक्ति के लिए कुछ नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसके कारण फरवरी 2024 से रुकी हुई सचिवों की भर्ती और नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है।

महाराष्ट्र सहकारी समिति नियम, 1961 में संशोधन हेतु नियम 53 और प्रारूप नियम 2024 में प्रकाशित किए गए थे। तदनुसार, जिला निगरानी सहकारी समिति को प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों द्वारा नियुक्त और वर्तमान में सहकारी समितियों के जिला उप-पंजीयक की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति द्वारा अनुमोदित संस्था सचिवों को अक्टूबर 2024 तक संस्था की सेवा में प्राथमिकता से शामिल करना चाहिए और जिला उप-पंजीयक को जिला स्तरीय समिति द्वारा अनुमोदित सचिवों की सूची अक्टूबर 2024 तक जिला निगरानी सहकारी समिति को उपलब्ध करानी चाहिए।

इसलिए, सचिवों को अब जिला निगरानी सहकारी समितियों को आवेदन करना होगा। नामांकन के माध्यम से नियुक्त होने के बाद, संबंधित सचिव, जिला निगरानी सहकारी समिति की स्थापना में शामिल होने के समय से ही पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य सुविधाओं के लिए पात्र होगा। इसमें यह स्पष्ट किया गया है कि सचिव की नामांकन के माध्यम से नियुक्ति के बाद, वह प्राथमिक सहकारी समिति किसी अन्य सचिव की नियुक्ति नहीं कर सकेगी।

यह होगी जिला स्तरीय चयन समिति

सचिवों की नियुक्ति हेतु सहकारी समितियों के जिला उप-पंजीयक की अध्यक्षता में एक जिला स्तरीय समिति गठित की गई है, जिसमें जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी, जिला लेखा परीक्षक और जिला समूह सचिव संघ के दो प्रतिनिधि सदस्य होंगे। सहायक पंजीयक इस समिति के सदस्य सचिव होंगे। इस समिति द्वारा नामित सचिव ही जिला निगरानी सहकारी समितियों और प्राथमिक ऋण सहकारी समितियों के सचिव नियुक्त किए जाएँगे।