logo_banner
Breaking
  • ⁕ कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार का बड़ा दावा; कहा- देश में बनेगी लॉकडाउन जैसी स्थिति, पेट्रोल-डीजल एक दाम होंगे 150 पार; चुनाव आयोग को बताया भाजपा का दलाल ⁕
  • ⁕ भारत के दरवाजे पर पहुंचा इबोला वायरस! युगांडा से नागपुर आई व्यक्ति क्वारंटाइन, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर ⁕
  • ⁕ Gadchiroli: माओवादियों का हथियार निर्माण ठिकाना ध्वस्त, जंगल में दबा विस्फोटक सामग्री पुलिस ने की नष्ट ⁕
  • ⁕ Buldhana: डीज़ल संकट से भड़के किसान, नागपुर–पुणे–मुंबई हाईवे किया जाम; सड़क पर लगा वाहनों की कतारें ⁕
  • ⁕ बढ़ती तपिश से लोग बेहाल, लेकिन कूलर बाजार में बंपर उछाल; पिछले साल से तीन गुना ज्यादा बिक्री ⁕
  • ⁕ प्रफुल्ल गुडधे बने नागपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष, जिम्मेदारी के लिए पार्टी को दिया धन्यवाद; कहा- सभी को साथ लेकर करूँगा काम ⁕
  • ⁕ Amravati: भीषण गर्मी के बीच शिवटेकड़ी जॉगिंग ट्रैक पर लगाए गए वाटर फॉगर्स, नागरिकों को मिली राहत ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Bhandara

बारिश की कमी के कारण किसान ने धान की खेती की बंद, और हो गया मालामाल...


भंडारा: भंडारा जिले के तुमसर तहसील में आने वाले देव्हाडी के अरुण मुटकुरे डेढ़ एकड़ खेत में अमरूद की खेती करके अमीर बन गए हैं। जी हाँ, यहां भंडारा जिले के तुमसर देव्हाडी के एक प्रगतिशील किसान अरुण मुटकुरे अमरूद की खेती कर, साल भर 10 लाख रुपये कमाते हैं। 

कभी-कभी असमानी संकट और वरुण देवता की नाराजगी के कारण उन्हें सूखे की छाया में पारंपरिक धान की खेती करनी पड़ती थी। लेकिन उन्हें उत्पादन कम और खर्च ज्यादा मिलता था, इसलिए ये थके नहीं और कोई अतिवादी कदम नहीं उठाया।

कृषि विभाग की सलाह और अन्य किसानों की सलाह के बाद 2019 से उन्होंने पारंपरिक धान की खेती को बंद किया और बागवानी खेती की ओर रुख किया। 

उन्होंने महज डेढ़ एकड़ जमीन में वीएनआर किस्म के लगभग 700 अमरूद के पेड़ लगाए। तीन एकड़ खेती से एक साल में दस लाख रुपये की आमदनी हुई। इसमें से 5 लाख रुपए खर्च होंगे और 5 लाख रुपए का नकद मुनाफा इन किसानों को होगा।

अमरूद के फल ने अरुण के जीवन में मिठास ला दी है। इस किसान ने राज्य के हर किसान के लिए एक मिसाल कायम की है कि वे पारंपरिक खेती से हटकर बागवानी की ओर रुख कर अपने जीवन में मिठास घोलें। 

देखें वीडियो: