logo_banner
Breaking
  • ⁕ नागपुर स्नातक सीट के लिए भाजपा ने जारी किया घोषणापत्र, युवाओं और रोजगार पर विशेष फोकस ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र सरकार में फेरबदल की अटकलों पर प्रतापराव जाधव का बयान, बोले- एकनाथ शिंदे नाराज़ नहीं ⁕
  • ⁕ चुनाव आते ही उर्दू स्कूलों की याद क्यों? किरण सरनाईक पर यशोमती ठाकुर का निशाना ⁕
  • ⁕ शिक्षकों का चुनाव प्रचार में इस्तेमाल हुआ तो रद्द होगी संस्था की मान्यता! चंद्रशेखर बावनकुले की चेतावनी ⁕
  • ⁕ अनिल बोंडे का बागी उम्मीदवार डॉ. संगीता शिंदे को आशीर्वाद, महायुति में बढ़ी कलह ⁕
  • ⁕ Akola: काटेपूर्णा और मोर्णा बांध से मिलेगा 24.03 दलघमी पानी, शहर की जलापूर्ति को राहत ⁕
  • ⁕ Chandrapur: पति के सामने बाघ ने महिला पर किया हमला, खेत में काम करते समय दर्दनाक मौत..! ⁕
  • ⁕ Buldhana: 'हमें भीख नहीं, मदद चाहिए', बुलढाणा में किसान संघ ने कद्दू और चॉकलेट देकर सरकार के खिलाफ निकाला गुस्सा.. ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Bhandara

सरकार विषकन्या की तरह, अधिकारियों को समझाते हुए सिर के बाल उड़ जाते हैं: नितिन गडकरी


भंडारा: भंडारा के पवनी में ग्रामीण विकास संस्था की ओर से शुरू किए गए आनंद विद्यालय का उद्घाटन कल केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया. इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार जहर की तरह है, जहां सरकार को मदद मिलती है वहां प्रयोग बंद हो जाता है. उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारियों को मनाते मनाते सर के बाल उड़ जाते हैं. 

गडकरी ने कहा कि वन विभाग की दमनकारी शर्तों के कारण ही भंडारा से पवनी तक का मार्ग पिछले 12 वर्षों से बंद है। उन्होंने वहां के वन अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें अंदर करने की भी बात कही.

नितिन गडकरी ने कहा, “मैं सरकार के किसी भी काम में दखल नहीं देना चाहता, मैं मदद नहीं लेना चाहता. मैं हमेशा मजाक में कहता हूं कि सरकार विषकन्या की तरह है. जहां सरकार को मदद मिलती है, वहां प्रयोग बंद हो जाते हैं. इसलिए मैं किसी सरकार से मदद नहीं लेता, मैं सरकारी अधिकारियों के पास नहीं जाता.”