logo_banner
Breaking
  • ⁕ वर्धमान नगर- डिप्टी सिग्नल "बहरीन बाई सोनबोइर" फ्लाईओवर जनता को समर्पित, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया उद्घाटन ⁕
  • ⁕ Gondia: सखी वन स्टॉप सेंटर की तत्परता: बिहार और भुसावल की दो लापता महिलाएं सकुशल पहुंचीं घर ⁕
  • ⁕ Chandrapur: ड्रग्स मुक्त बनाने की ओर बड़ा कदम: पुलिस ने नष्ट किया 66 लाख रुपये का मादक पदार्थ ⁕
  • ⁕ Nagpur: कोथुलना के पास लहसुन से भरा ट्रक पलटा, दो गंभीर रूप से घायल; स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग ⁕
  • ⁕ Nagpur: आर्थिक अनियमितता के मामले में बड़ी कार्रवाई: अरोली की सरपंच रोशनी भुरे अपात्र घोषित, अपर आयुक्त का फैसला ⁕
  • ⁕ Bhandara: तुमसर में सफाई कर्मचारियों ने मुख्याधिकारी की गाड़ी घेरी, आमरण अनशन शुरू ⁕
  • ⁕ रिश्ते शर्मसार: मां दूध लेने गई बाहर, कलयुगी पिता ने अकेली नाबालिग बेटी से की अश्लील हरकत; विरोध करने पर पीटा, गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Bhandara

Bhandara: लाखनी ग्रामीण अस्पताल में मरीज़ की जान से खिलवाड़, सफाई कर्मचारी कर रहा इलाज! लापरवाह प्रशासन का नहीं कोई ध्यान


भंडारा: भंडारा ज़िले के लाखनी ग्रामीण अस्पताल में एक मरीज़ की जान से खिलवाड़ करने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। यहां अस्पताल के सफाई कर्मचारी मरीजों का इलाज कर रहे हैं और उनकी जान खतरे में डाल रहे हैं। खासबात यह कि इस ओर किसी भी वरिष्ठ अधिकारी या डॉक्टर का कोई ध्यान नहीं है।    

भाग्यश्री हेमराज काशीकर को सुबह सर्दी-ज़ुकाम और बुखार के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहाँ के सफ़ाई कर्मचारी ने बिना किसी चिकित्सीय प्रशिक्षण के मरीज़ को सलाइन चढ़ाने की कोशिश की और हैरानी की बात यह है कि उसे किसी दूसरे मरीज़ द्वारा इस्तेमाल की गई दूषित सिरिंज लगा दी गई। इस गैरजिम्मेदाराना हरकत से मरीज़ की जान को ख़तरा हो सकता है और अब उसे हेपेटाइटिस या अन्य संक्रामक रोग होने की आशंका जताई जा रही है।

जब भाग्यश्री काशीकर ने सलाइन के बारे में पूछा, तो सफ़ाई कर्मचारी ने रूखेपन से कहा, “चिल्लाओ मत, चुपचाप अपना काम करो” और लगाई गई सिरिंज निकाल ली। हालांकि इलाज डॉक्टरों और नर्सों की ज़िम्मेदारी है, लेकिन सफ़ाई कर्मचारी के इस दुर्व्यवहार ने अस्पताल प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।