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Buldhana: आखिर अपने माँ से मिल गया शावक तेंदुआ, वन विभाग की मेहनत हुई सफल


बुलढाणा: अपनी मां को बचाने की कोशिश कर रहा एक 'बच्चा' गलती से कुएं में गिर गया। उसकी माँ पूरा दिन उसी इलाके में घूमती रही। अंततः कई घंटों की मुलाकात के बाद वह शांत हुई। यह एक माँ तेंदुए के स्नेह की कहानी है, जिसे कभी-कभी क्रूर और आक्रामक माना जाता है।

चार महीने का एक तेंदुए का बच्चा कुएं में गिर गया था। बुलढाणा वन विभाग की बचाव टीम ने जाकर पिल्ले को सुरक्षित कुएं से बाहर निकाला। वरिष्ठ अधिकारियों की सलाह पर वन विभाग शनिवार रात शावक को उसकी मां से मिलाने में सफल रहा।

यह घटना 4 जनवरी की सुबह खामगांव तालुका के निरोद शिवरा में घटी। वन विभाग को सूचना मिली कि महादेव रावणकर के खेत में पच्चीस फुट गहरे कुएं में एक तेंदुए का बच्चा गिर गया है। वन विभाग को इसकी जानकारी मिलने के बाद बुलढाणा से 'बचाव दल' बुलाया गया।

टीम ने पिंजरे की मदद से चार महीने की मादा तेंदुए को कुएं से सुरक्षित बाहर निकाला। तेंदुए के बच्चे को खामगांव ले जाया गया और पशुधन विकास अधिकारी खामगांव और गोरेवाड़ा प्राणी उद्यान, नागपुर के डॉ. मयूर पावसे द्वारा उसकी जांच की गई। उन्होंने कहा कि पिल्ला स्वस्थ था।

इसके बाद बुलढाणा उप वन संरक्षक श्रीमती सरोजा गवस, सहायक वन संरक्षक श्रीमती अश्विनी आपेट और वन परिक्षेत्र अधिकारी खामगांव ने चर्चा की। मादा तेंदुआ और उसका बच्चा कल रात फिर से मिल गये। उन्हें एक साथ जंगल में छोड़ दिया गया। यह प्रक्रिया संदीप मडावी, अमोल चव्हाण, अक्षय बोरसे, लता अबुलकर और रवींद्र मोरे द्वारा संपन्न की गई।