शेगांव में 25 से 28 फरवरी तक होगा ‘राष्ट्रीय आयुष आरोग्य मेला 2026’, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी उद्घाटन
बुलढाणा: भारत सरकार के आयुष मंत्रालय की ओर से 25 से 28 फरवरी 2026 के दौरान महाराष्ट्र के शेगांव में “राष्ट्रीय आयुष आरोग्य मेला 2026” का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस चार दिवसीय राष्ट्रीय स्वास्थ्य मेले का उद्घाटन भारत की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के शुभ हस्ते किया जाएगा। यह जानकारी केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने शेगांव में आयोजित पत्रकार परिषद में दी।
केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव ने बताया कि संत गजानन महाराज की नगरी शेगांव में आयोजित इस राष्ट्रीय आयुष मेले में महाराष्ट्र के महामहिम राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्राताई पवार, बुलढाणा जिले के पालकमंत्री मकरंदआबा पाटील, सह-पालकमंत्री संजय सावकारे, राज्य के श्रम मंत्री आकाश फुंडकर, विधायक डॉ. संजय कुटे, अखिल भारतीय आयुर्वेद महासंमेलन ट्रस्ट के अध्यक्ष पद्मश्री–पद्मविभूषण वैद्य देवेंद्र त्रिगुणा और आयुर्वेद महासंमेलन के अध्यक्ष वैद्य प्रो. राकेश शर्मा सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे।
इस आयोजन की जिम्मेदारी आयुष मंत्रालय ने अखिल भारतीय आयुर्वेद महासंमेलन को सौंपी है, जिसकी स्थापना वर्ष 1907 में त्र्यंबकेश्वर (महाराष्ट्र) में हुई थी। यह देश की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी आयुर्वेदिक संस्था है। आयोजन समिति के अध्यक्ष के रूप में महासंमेलन के उपाध्यक्ष डॉ. आशुतोष गुप्ता को नियुक्त किया गया है। महासंमेलन अब तक 22 राज्य स्तरीय और 3 राष्ट्रीय स्तर के स्वास्थ्य मेलों का सफल आयोजन कर चुका है।
राष्ट्रीय आयुष आरोग्य मेले का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों में आयुष चिकित्सा पद्धतियों आयुर्वेद, यूनानी, सिद्धा, सोवा-रिग्पा, होम्योपैथी, प्राकृतिक चिकित्सा और योग का प्रचार-प्रसार करना है। मेले के चारों दिनों में नागरिकों और मरीजों की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, उपचार और औषधि वितरण किया जाएगा। साथ ही विशेषज्ञों के व्याख्यानों के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।
इस मेले का विशेष लाभ बुलढाणा जिले और आसपास के किसानों को भी मिलेगा। कार्यक्रम में औषधीय वनस्पति खेती पर मार्गदर्शन दिया जाएगा, जिससे किसान अपने खेतों में वन औषधियों की खेती कर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगे। केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव ने किसानों और आम नागरिकों से इस मेले का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की है।
मेले में देशभर की कई आयुष औषधि निर्माता कंपनियां भाग लेंगी, जो गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेस (GMP) और आयुर्वेद में हो रहे नवीन शोध की जानकारी साझा करेंगी। आयुष औषधि निर्माताओं के लिए विशेष कार्यशालाओं का भी आयोजन किया जाएगा। वहीं, वनौषधि प्रदर्शनी के माध्यम से आम लोगों को आसपास उपलब्ध औषधीय पौधों से सस्ते और प्रभावी उपचार की जानकारी दी जाएगी।
पत्रकार परिषद में केंद्रीय मंत्री ने आयुष मंत्रालय की प्रमुख उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि ‘देश का प्रकृति परीक्षण अभियान’ में 1.39 करोड़ लोगों ने भाग लिया और फरवरी 2025 में 5 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बने। दिसंबर 2025 में दिल्ली में WHO के सहयोग से पारंपरिक चिकित्सा पर दूसरी वैश्विक शिखर बैठक आयोजित हुई, जिसमें 100 से अधिक देशों ने भाग लिया। जून 2025 में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर विशाखापट्टनम में 3 लाख से अधिक लोगों ने एक साथ योग कर 5 गिनीज रिकॉर्ड बनाए।
उन्होंने यह भी बताया कि आयुष औषधियों को आम जनता तक पहुंचाने के लिए देशभर में आयुष औषधि केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं और आयुष पैकेज को आयुष्मान भारत योजना में शामिल करने के प्रयास जारी हैं।
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