अमरावती में एआईएमआईएम को झटका, महिला नगरसेवक मीराबाई कांबले ने भाजपा का किया समर्थन; पार्टी ने किया निष्कासित
अमरावती: अमरावती महापौर चुनाव में एआईएमआईएम को बड़ा झटका लगा है। एआईएमआईएम की पार्षद मीराबाई कांबले द्वारा भाजपा के महापौर उम्मीदवार को वोट दिए जाने से सियासी हलचल मच गई है।
महापौर चुनाव के दौरान पार्टी लाइन के विपरीत जाकर की गई इस अप्रत्याशित क्रॉस-वोटिंग ने पूरे राजनीतिक समीकरण को नया मोड़ दे दिया। AIMIM ने इस मामले को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए मीराबाई कांबले को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
AIMIM समूह के नेताओं के अनुसार, पार्टी की ओर से सभी 12 पार्षदों को स्पष्ट रूप से व्हिप (पार्टी आदेश) जारी किया गया था। इसके बावजूद मीराबाई कांबले ने पार्टी की विचारधारा और आदेश का उल्लंघन करते हुए भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में वोट दिया। पार्टी नेतृत्व ने साफ कहा है कि अनुशासन तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अनिवार्य है।
वहीं, अपने फैसले का बचाव करते हुए मीराबाई कांबले ने कहा, "मैंने महापौर पद के लिए वोट इसलिए दिया क्योंकि मुझे लगा कि उम्मीदवार योग्य और कर्मठ हैं। मैंने अपने विवेक से वोट किया। पार्टी की ओर से मुझे कुछ स्पष्ट नहीं बताया गया था। मुझे लगा कि वह विकास के प्रति प्रतिबद्ध हैं, इसलिए मैंने उन्हें समर्थन दिया।” उन्होंने यह भी कहा कि,"यदि पार्टी उनके खिलाफ कार्रवाई करती है, तो उनके पास आगे के कई विकल्प मौजूद हैं।"
इस पूरे घटनाक्रम पर AIMIM के वरिष्ठ नेता इम्तियाज जलील ने भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि महिला पार्षद द्वारा भाजपा उम्मीदवार को हाथ उठाकर वोट देने की जानकारी मिलने के बाद संगठन स्तर पर सवाल उठाए गए।
जलील ने कहा, "हमने अमरावती और विदर्भ के पार्टी अध्यक्षों से पूछा है कि समय रहते व्हिप का सख्ती से पालन क्यों नहीं कराया गया। इस मामले में अमरावती जिला अध्यक्ष के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।”
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