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Buldhana: बुलढाणा में मेडिकल साइंस का दुर्लभ सिजेरियन डिलीवरी, अविकसित भ्रूण के साथ शिशु का जन्म 


बुलढाणा: बुलढाणा जिले के महिला अस्पताल में मेडिकल साइंस की  एक दुर्लभ घटना सामने आई है।   32 वर्षीय गर्भवती महिला ने ऐसे बच्चे को जन्म दिया, जिसके पेट में साढ़े चार महीने का भ्रूण मौजूद था। इस दुर्लभ स्थिति को "फिट्स इन फिटू" कहा जाता है, जो पांच लाख में से एक मामले में पाई जाती है। डॉक्टरों की टीम ने जटिल सिजेरियन ऑपरेशन कर महिला के गर्भ में पल रहे शिशु को जीवन प्रदान किया है।

कुछ दिनों पहले महिला रूटीन सोनोग्राफी के लिए जिला महिला अस्पताल पहुंची, जहां स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रसाद अग्रवाल ने पाया कि महिला के गर्भ में पल रहे शिशु के पेट में एक और भ्रूण विकसित हो रहा था। इस स्थिति के बाद महिला और उसके परिवार को आश्वस्त किया गया कि कोई गंभीर खतरा नहीं है।

1 फरवरी को महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हुई, जिसके बाद उसे जिला महिला अस्पताल में भर्ती किया गया। डॉ. प्रशांत पाटील और डॉ. भागवत भुसारी के मार्गदर्शन में डॉक्टरों की एक विशेषज्ञ टीम ने ऑपरेशन किया और   महिला ने स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। ये मामला डॉक्टरों के लिए बड़ा चिकित्सा चमत्कार साबित हुआ, क्योंकि ऑपरेशन के दौरान मां और बच्चे की जान बचाना चुनौतीपूर्ण था। नवजात को प्रारंभिक उपचार के बाद अमरावती के रेफरल अस्पताल भेजा गया।

जिला सर्जन डॉ. भागवत भुसारी ने बताया कि बच्चे और मां दोनों की स्थिति स्थिर और स्वस्थ है। ये  बहुत ही अजीब और दुर्लभ मामला है।  मेडिकल साइंस के अनुसार इसके बायोलॉजिकल कारण हो सकते है, लेकिन अब बच्चे का जन्म हो गया तो उसके शरीर के भीतर जो भ्रूण है  उसे भी बाद में ऑपरेशन कर निकाला जायेगा. फ़िलहाल ये चर्चा का विषय बना हुआ है, क्यूंकि बुलढाणा जिले के हाल के वर्षों में ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया था।