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Buldhana

Buldhana: जिले की 2.42 लाख हेक्टेयर में फसलों पर धुंध का संकट, उत्पादन में कमी की आशंका


बुलढाणा: जिले में जहां रबी की फसल लहलहा रही है, वहीं जलवायु परिवर्तन का असर इन फसलों पर पड़ रहा है। बादल छाए रहने का असर गेहूं व चना की फसल पर पड़ रहा है। इसमें 2 लाख 42 हजार रकबे में रबी की फसल 873 हेक्टेयर कोहरे से प्रभावित है और कोहरा जारी रहा तो उत्पादन घटने की आशंका किसान जता रहे है। इसका सबसे ज्यादा असर घाट के नीचे मलकापुर, नंदुरा और खामगांव तालुका में देखा जा रहा है।

बुलढाणा जिले में रबी का औसत बुवाई क्षेत्र 2 लाख 27 हजार 213 हेक्टेयर है। इस वर्ष जिले में सिंचाई की अच्छी सुविधा के कारण रबी सीजन का बुवाई क्षेत्र बढ़ा है।  जिसमें कुल रबी का बुवाई रकबा 2 लाख 42 हजार 873 हेक्टेयर है जिसमें गेहूं और चना की फसल शामिल है..इनमें ज्यादातर चना और गेहूं है। 

प्याज के साथ कुछ सब्जियां भी बोई जाती हैं। लेकिन बीते दिनों से जिले के मौसम में अचानक बदलाव आया है। तीन दिन और कोहरे की मात्रा बढ़ गई है। इसलिए चना और गेहूं की फसलों के फूल कट रहे हैं। परिणामस्वरूप गेहूं में तंबेरा रोग का हमला होने की अत्यधिक संभावना है और चने की फसल भी खतरे में है। रबी धुंध बढ़ने से फसल उत्पादन प्रभावित हो सकता है।