Buldhana: पूर्णा नदी में तैरने गए नंदुरा के दो नाबालिग बच्चों की डूबने से मौत, इलाके में शोक
बुलढाणा: बुलढाणा जिले के नंदुरा तहसील में रविवार सुबह एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया। तहसील के मानेगांव में पूर्णा नदी में तैरने गए दो नाबालिग बच्चों की पानी में डूबने से मौत हो गई। दोनों मृतक बच्चे नंदुरा शहर के रहने वाले थे। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से पूरे नंदुरा शहर और आस-पास के इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई है।
अचानक गहरे पानी में चले गए दोनों दोस्त
मृतक बच्चों की पहचान प्रतीक उर्फ मंटू शिवा वानखेड़े (उम्र 12 वर्ष) और कृष्णा बालू भोपाले (उम्र 14 वर्ष, दोनों निवासी- वार्ड नंबर 1, नंदुरा) के रूप में हुई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह ये दोनों दोस्त मानेगांव में पूर्णा नदी पर तैरने के लिए गए थे। बताया जा रहा है कि नदी में पानी की गहराई का सही अंदाजा न होने के कारण वे अचानक फिसलकर गहरे पानी में चले गए और डूब गए।
जलमित्र रेस्क्यू टीम ने चलाया सर्च ऑपरेशन
हादसे की खबर मिलते ही ओम साईं फाउंडेशन की 'जलमित्र रेस्क्यू टीम' तुरंत मौके पर पहुंची और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर खोज अभियान शुरू किया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन में टीम के सदस्य गोपाल फंड, उमेश पखारे, विकास पखारे, प्रद्युम्न पखारे, राजू पखारे, विलास निबोलकर, राहुल निमकड़े और कृष्णा वासोकर शामिल थे।
कड़ी मशक्कत और लंबे सर्च ऑपरेशन के बाद दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला गया। उन्हें तुरंत इलाज के लिए नंदुरा के ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही नंदुरा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा किया और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की।
बच्चों को जलाशयों से दूर रखें
इस अचानक हुए हादसे से दोनों पीड़ित परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। चूंकि मानसून के चलते इन दिनों नदियों, झीलों और बांधों में पानी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, इसलिए स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों और विशेष रूप से अभिभावकों से अपील की है कि वे छोटे बच्चों को अकेले जलस्रोतों के पास न जाने दें और उन्हें तैरने से रोकें। मामले की आगे की जांच नंदुरा पुलिस कर रही है।
admin
News Admin