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Buldhana

Buldhana: शेगांव रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेन से गिरकर अकोला का युवक गंभीर घायल, 108 एंबुलेंस की देरी पर उठे सवाल


बुलढाणा: बुलढाणा के शेगांव रेलवे स्टेशन के पास शुक्रवार तड़के एक दर्दनाक हादसे में अकोला निवासी 34 वर्षीय युवक चलती ट्रेन से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में युवक के एक हाथ की उंगलियां कट गईं। घटना के बाद समय पर 108 एंबुलेंस उपलब्ध न होने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अकोला के दाबकी रोड क्षेत्र निवासी विक्की रमेश वनतडस (34) ट्रेन से घर लौट रहे थे। सुबह करीब 5:30 बजे शेगांव रेलवे लाइन के पास वह चलती ट्रेन से नीचे गिर गए। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनके एक हाथ की उंगलियां कट गईं।

घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। आरपीएफ के सहायक उपनिरीक्षक रंजन तेलंग, कॉन्स्टेबल अरविंद बोटुले तथा जीआरपी के हेड कॉन्स्टेबल नारायण देवकर, कॉन्स्टेबल चव्हाण और सहायक पुलिस हेड कॉन्स्टेबल श्रीकृष्ण निकम ने घायल युवक को तत्काल सहायता प्रदान की और इलाज के लिए शेगांव के सईबाई मोटे शासकीय अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने युवक की गंभीर हालत को देखते हुए उसे आगे के उपचार के लिए अकोला रेफर कर दिया। इस दौरान घायल के परिजनों और आरपीएफ अधिकारियों ने सरकारी 108 एंबुलेंस सेवा से कई बार संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें लंबे समय तक फोन पर होल्ड पर रखा गया।

बताया जा रहा है कि करीब 20 मिनट से अधिक इंतजार के बाद एंबुलेंस सेवा की ओर से यह जानकारी दी गई कि सुबह 8:30 बजे से पहले एंबुलेंस पर डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं। इस जवाब से परिजन और पुलिसकर्मी हैरान रह गए।

स्थानीय लोगों के अनुसार, शेगांव रेलवे स्टेशन क्षेत्र में समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण पूर्व में भी रेल हादसों में कई गंभीर घायलों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।

सरकारी सहायता नहीं मिलने पर रेलवे पुलिस ने तत्काल एक निजी एंबुलेंस की व्यवस्था की और घायल विक्की वनतडस को अकोला के अस्पताल भेजा। पुलिस की तत्परता से युवक को समय पर उपचार मिल सका, लेकिन 108 एंबुलेंस सेवा की कथित लापरवाही ने एक बार फिर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।