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Buldhana

Buldhana: दमदार बारिश के बाद खिले किसानों के चेहरे, जिले में बुवाई ने पकड़ी रफ्तार


बुलढाणा: पिछले कई दिनों से आसमान की ओर नजरें गड़ाए बैठे बुलढाणा जिले के अन्नदाता के लिए आखिरकार राहत और खुशी की खबर है। जिले में पिछले चार दिनों से जारी दमदार बारिश के कारण रुकी हुई बोनी (बुवाई) के काम ने अब रफ्तार पकड़ ली है। हालांकि, बीज, खाद और डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण इस साल खेती-किसानी की लागत काफी बढ़ गई है, लेकिन महंगाई के इस बोझ पर वरुण देव की कृपा का संतोष भारी पड़ता दिख रहा है। इसी उम्मीद और खुशी के साथ जिले के किसान अपने खेतों में उतर चुके हैं।

बारिश का इंतजार खत्म, खेतों में रौनक लौटी
बुलढाणा जिले में मानसून की शुरुआती खामोशी के बाद किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई थीं। लेकिन पिछले चार दिनों में जिले के लगभग सभी हिस्सों में हुई व्यापक और जोरदार बारिश ने खेतों की मिट्टी में अच्छी नमी ला दी है, जिससे जमीन बुवाई के लिए पूरी तरह तैयार हो चुकी है। बारिश के आते ही किसानों ने बिना समय गंवाए सीधे खेतों का रुख किया। इस समय जिले के ग्रामीण इलाकों में सोयाबीन, कपास और अरहर की बुवाई की भारी व्यस्तता देखी जा रही है।

लागत तो बढ़ी, पर हौसला नहीं डिगा
इस साल के सीजन में ब्रांडेड बीजों के दाम, रासायनिक खादों की कीमतें और ट्रैक्टर से होने वाली जुताई-मशागत के किराए में बढ़ोतरी ने आम किसान का बजट बिगाड़ दिया है। खेती की कुल लागत बढ़ने से बुवाई तक का सफर बेहद महंगा साबित हो रहा है। इसके बावजूद, किसानों का मानना है कि लागत चाहे जितनी बढ़ जाए, अगर वक्त पर पानी बरस जाए तो सारी परेशानियां दूर हो जाती हैं। इस साल सही समय पर हुई बारिश ने अच्छी पैदावार की उम्मीद जगा दी है।