भारत का 'मिशन गैस ग्रिड': केंद्र सरकार का बड़ा आदेश, अब हर घर तक पाइपलाइन से पहुंचेगी गैस; एलपीजी पर निर्भरता होगी खत्म!
नई दिल्ली: खाड़ी देशो में शुरू युद्ध के कारन भारत में ईंधन संकट पैदा हो गया है। लोग गैस और पेट्रोल के लिए लाइनों में लगते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसी बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने देश में 'प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश 2026' लागू कर दिया। इसका मुख्य उद्देश्य गैस पाइपलाइन बिछाने में आने वाली बाधाओं को दूर करना और एलपीजी (LPG) पर निर्भरता कम करके पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के उपयोग को बढ़ावा देना है।
इस नए सरकारी आदेश के पीछे मुख्य कारण पाइपलाइन बिछाने के दौरान आने वाली जटिल चुनौतियां हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में विभिन्न प्राधिकरणों से मंजूरी मिलने में देरी, अत्यधिक भारी शुल्क और आवासीय क्षेत्रों में 'राइट ऑफ वे' (रास्ता देने) की अनुमति न मिलना बड़ी बाधाएं बनी हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, जैसे खाड़ी क्षेत्र में प्राकृतिक गैस सुविधाओं को हुए नुकसान और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जारी गतिरोध को देखते हुए, सरकार ने ईंधन के विकल्पों में विविधता लाना अनिवार्य समझा है।
इस आदेश के तहत अब सार्वजनिक और निजी संस्थाओं के लिए पाइपलाइन विस्तार के नियमों को सरल बनाया गया है, ताकि उन क्षेत्रों में भी पाइप्ड नेचुरल गैस पहुंचाई जा सके जहाँ अभी भी केवल एलपीजी का उपयोग हो रहा है। सरकार का लक्ष्य एक ऐसा समान ढांचा तैयार करना है, जिससे समयबद्ध तरीके से पूरे देश में गैस ग्रिड का विस्तार हो सके। यह आदेश उन सभी सार्वजनिक निकायों और अधिकृत संस्थाओं पर लागू होगा जिनके पास भूमि या आवासीय क्षेत्रों का नियंत्रण है।
इस पहल से न केवल शहरी क्षेत्रों में पीएनजी के उपयोगकर्ताओं की संख्या बढ़ेगी, बल्कि बचा हुआ एलपीजी स्टॉक उन दूरदराज के इलाकों में भेजा जा सकेगा जहाँ पाइपलाइन बिछाना संभव नहीं है। इस प्रकार, यह नीतिगत बदलाव भारत की भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित करने और पर्यावरण अनुकूल ईंधन को बढ़ावा देने के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
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