logo_banner
Breaking
  • ⁕ नाना पटोले की भाजपा में होगी वापसी! विधायक परिणय फुके ने किया बड़ा दावा; चर्चाओं का बजार हुआ गर्म ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Nagpur

बुटीबोरी में लगेगा 25 हजार करोड़ का लिथियम आयन बैटरी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट, जेएसडब्लू ने राज्य सरकार से मांगी 600 एकड़ जमीन


नागपुर: विदर्भ सहित नागपुर जिले में उद्योगों से संबंधित बड़ी खबर सामने आई है। सज्जन जिंदल की अगुवाई वाली जेएसडब्लू ने राज्य सरकार से बुटीबोरी एमआईडीसी में 550 से 600 एकड़ जमीन की मांग की है। कंपनी यहाँ 25 हजार करोड़ की लागत से लिथियम आयोन बैटरी और सीपीवी निर्माण प्लांट की स्थापना करेगी। कंपनी ने एमआईडीसी के अतिरिक्त औद्योगिक क्षेत्र में जमीन की मांग की है। इस प्लांट के स्थापना से 5000 लोगों को रोजगार मिलेगा। 

ज्ञात हो कि, जुलाई महीने में महाराष्ट्र की कैबिनेट उप-समिति की बैठक हुई थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई में हुई बैठक में राज्य के अंदर 81 हजार करोड़ के निवेश के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। जिसमें नागपुर में लिथियम आयोन बैटरी निर्माण प्लांट स्थापित करने की मंजूरी भी शामिल थी। 

दो दिसंबर को सरकार ने दिया था ऑफर लेटर 

राज्य में निवेश की मंजूरी मिलने के बाद सरकार और कंपनी के बीच लगातार बैठक हो रही थी। नवम्बर महीने के पहले हफ्ते में सरकार और कंपनी के बीच बैठक हुई थी। जिसके पश्चात दो दिसंबर को सरकार ने कंपनी को ऑफर लेटर दिया था। जिसमें सरकार ने बुटीबोरी के अतिरिक्त आद्योगिक स्टेट में 450 एकड़ जमीन देने की बात कही।

इन सुविधाओं के साथ मांगी जमीन 

सरकार से मिले प्रस्ताव के पास कंपनी ने अपना प्रस्ताव भेजा। उद्योग और खनन विभाग के प्रमुख सचिव को लिखे पत्र में कंपनी ने बुटबोरी के अतिरिक्त उद्योगिक क्षेत्र में  550-600 एकड़ भूमि की मांग की। इसी के साथ आवंटित होने वाली जमीन पर सुविधाओं की मांग भी की। जिसमें बिजली, पानी की आपूर्ति उपलब्ध रहने, भूमि पर किसी बह तरह का विवाद नहीं होना शामिल है।