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Nagpur

नया कीर्तिमान! चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ उछाल, 1.81 लाख प्रति किलो के पार; पांच साल में 187.3% की भारी बढ़ोतरी


नागपुर: बहुमूल्य धातु चांदी ने भारतीय बाजार में एक नया और ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। चांदी की कीमतें अब 1,81,000 प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुँच गई हैं। इस जबरदस्त उछाल ने निवेशकों और उपभोक्ताओं दोनों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

सामने आए आंकड़ों के अनुसार, चांदी की कीमतों में पिछले पाँच वर्षों में 187.3% की असाधारण वृद्धि दर्ज की गई है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि चांदी एक अत्यंत आकर्षक निवेश विकल्प के रूप में उभरी है, जिसने सोने को भी पीछे छोड़ दिया है।

कीमतों में रिकॉर्ड वृद्धि के प्रमुख कारण:

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, चांदी के इस रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारक जिम्मेदार हैं:

  • वैश्विक मांग में वृद्धि: चांदी की औद्योगिक मांग में भारी बढ़ोतरी हुई है। इसका उपयोग सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के निर्माण में तेज़ी से बढ़ रहा है, जिससे इसकी खपत में उछाल आया है।

  • सुरक्षित निवेश की तलाश (Safe-Haven Demand): वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के माहौल में, निवेशकों ने सोने और चांदी जैसी 'सुरक्षित पनाहगार' संपत्तियों की ओर रुख किया है, जिससे मांग और कीमतें बढ़ी हैं।

  • आपूर्ति में कमी: अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की आपूर्ति में कमी (supply deficit) के कारण भी कीमतों को मजबूती मिली है।

  • घरेलू प्रीमियम: भारतीय घरेलू बाजार में भौतिक चांदी की कमी के कारण इसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय कीमतों से भी अधिक प्रीमियम पर बिक रही है, जिससे स्थानीय दरों में और तेज़ी आई है।

  • कमजोर रुपया: डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने से भी आयातित चांदी महँगी हो गई है।

निवेशकों के लिए सलाह:


बाजार विश्लेषकों का कहना है कि औद्योगिक उपयोग के कारण चांदी में लंबी अवधि में तेजी का रुझान बने रहने की उम्मीद है। हालांकि, मौजूदा उच्च कीमतों पर अल्पकालिक मुनाफावसूली (profit booking) हो सकती है। विशेषज्ञ नए निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि वे सतर्क रहें और कीमतों में किसी भी गिरावट का फायदा उठाकर निवेश करें। यह रिकॉर्ड तोड़ उछाल न केवल चांदी के निवेशकों के लिए एक बड़ी खबर है, बल्कि यह संकेत भी देता है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में औद्योगिक धातुओं का महत्व लगातार बढ़ रहा है।