logo_banner
Breaking
  • ⁕ केंद्र सरकार ने पुलिस मैडल पुरस्कार का किया ऐलान, माहुरकर, पोटे और बाराभाई को उत्कृष्ट कार्य के लिए मिला मेडल ⁕
  • ⁕ नागपुर शिवसेना (UBT) में बड़ा फेरबदल; नितिन तिवारी की छुट्टी, किशोर कुमेरिया बने महानगर प्रमुख ⁕
  • ⁕ "छत्रपति के भक्तों का खून आज भी रगों में दौड़ रहा है, आपकी सात पीढ़ियां भी महाराष्ट्र को हरा-भरा नहीं बना सकतीं", AIMIM नेता इम्तियाज जलील पर नवनीत राणा का पलटवार ⁕
  • ⁕ Akola: रेलवे स्टेशन पर बड़ा हादसा टला, ब्रिज से कूदने की तैयारी कर रहे युवक की रेलवे पुलिस ने बचाई जान ⁕
  • ⁕ Gondia: तिरोड़ा स्थित एचपी गैस एजेंसी में लगी भीषण आग; पूरा कार्यालय जलकर हुआ ख़ाक, लाखों का नुकसान ⁕
  • ⁕ चंद्रपुर मनपा में सत्ता विवाद का पटाक्षेप: धानोरकर-वडेट्टीवार में समझौता ⁕
  • ⁕ राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले का संजय राऊत पर तीखा प्रहार, कहा - 2047 तक तक न देखें छठे माले पर बैठने का सपना ⁕
  • ⁕ चांदी के भाव में उछाल का दौर जारी; नागपुर सराफा बाजार में 2,53,500 प्रति किलो पर पहुंची चांदी ⁕
  • ⁕ Bhandara: लाखोरी गांव के पास घूम रहे तीन भालू, इलाके में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Nagpur: नकली एमडी बिक्री विवाद में युवक पर जान लेवा हमला, चाकू मार कर किया गंभीर रूप से घायल ⁕
National

देश में खरीफ सीजन के दौरान 11.21 करोड़ हेक्टेयर से अधिक भूमि पर हुई बुवाई


नई दिल्ली: इस वर्ष खरीफ सीजन में 112 मिलियन हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में बुवाई हुई है। चावल की बुवाई का औसत क्षेत्र 43 मिलियन हेक्टेयर से अधिक था, जो इस वर्ष बढ़कर 441 मिलियन हेक्टेयर से अधिक हो गया है। कपास की बुवाई का औसत क्षेत्र 122 मिलियन हेक्टेयर था, जो इस वर्ष घटकर 11 मिलियन हेक्टेयर रह गया है।

इस वर्ष मक्का की बुवाई के क्षेत्र में 12 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि के साथ, मोटे अनाज के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है। पिछले चार वर्षों में मक्का की बुवाई औसतन 7895 हजार हेक्टेयर में हुई थी। इस वर्ष यह क्षेत्र बढ़कर 9495 हजार हेक्टेयर हो गया है।

हालांकि, दलहन और तिलहन फसलों के क्षेत्र में कमी आई है। पिछले चार वर्षों में दलहनों की बुवाई का औसत क्षेत्र 122 मिलियन हेक्टेयर था, जो इस वर्ष घटकर 12 मिलियन हेक्टेयर रह गया है। इस वर्ष दलहनों का क्षेत्र 190 मिलियन 13 हजार हेक्टेयर है। गन्ने की औसत बुवाई 5251 हजार हेक्टेयर थी, जो इस वर्ष बढ़कर 59 मिलियन हेक्टेयर से अधिक हो गई है।