Wardha: ‘आत्मनिर्भरता’ को मिली रफ्तार, 340 कारीगरों को आधुनिक मशीनों का वितरण
वर्धा: महाराष्ट्र के वर्धा जिले में ‘स्वदेशी’ और ‘आत्मनिर्भरता’ की सोच को नई दिशा देते हुए खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग द्वारा एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सैकड़ों कारीगरों और युवाओं को आधुनिक उपकरण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया।
गोपुरी स्थित ग्राम सेवा मंडल में आयोजित इस कार्यक्रम में नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ विजन को मजबूती देने के उद्देश्य से 340 कारीगरों को आधुनिक यंत्रसामग्री वितरित की गई।
इस दौरान खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार के हाथों कुल 848 आधुनिक टूलकिट्स का वितरण किया गया। इसमें 180 कुम्हारों को इलेक्ट्रिक चाक, 600 मधुमक्खी पालन बॉक्स (हनी मिशन) के तहत दिए गए। इसके अलावा इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर और पेपर प्लेट निर्माण से जुड़े उपकरण भी वितरित किए गए।
कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष संजय गाते, ग्राम सेवा मंडल के अध्यक्ष डॉ. सुगत पिल्लारेड्डीवार सहित बड़ी संख्या में लाभार्थी और नागरिक मौजूद रहे।मनोज कुमार ने कहा कि “महात्मा गांधी का ‘स्वदेशी’ विचार और मोदी का ‘आत्मनिर्भर भारत’ एक ही सोच के दो पहलू हैं। आज ‘हर घर स्वदेशी’ का भाव जन-जन तक पहुंच रहा है और खादी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुकी है।”
पिछले 5 वर्षों में विदर्भ क्षेत्र में 109 करोड़ रुपये की सहायता से 4,250 से अधिक इकाइयां स्थापित हुई हैं, जिससे 25 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला है। खादी क्षेत्र की बिक्री भी 54 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुकी है।
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