logo_banner
Breaking
  • ⁕ Shardiya Navratri 2026: नागपुर सहित विदर्भ में नवरात्रि की धूम, देवी मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Chandrapur

Chandrapur: बाघ के हमले में चरवाहा की मौत, बचाने पहुंचा भतीजा गंभीर रूप से घायल


चंद्रपुर: घात लगाकर बैठे बाघ ने बंडू परशुराम उराडे (55, निवासी करवन) को मार डाला और किशोर मधुकर उराडे (35) को घायल कर दिया। यह घटना गुरुवार सुबह 8 बजे मूल तहसील के कोसंबी चक फार्म में घटी। मई महीने में मुल तहसील में घटित यह चौथी घटना है। चंद्रपुर जिले में पांच माह में बाघ के हमलों में 22 लोगों की मौत हो चुकी है। इससे इलाके में भय का माहौल पैदा हो गया है।

मुल तहसील के करवन में भूपेश खानोरकर के खेत में चार-पांच चरवाहे जब मवेशी चरा रहे थे, उसी दौरान एक बाघ ने बंडू उराडे पर हमला कर दिया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बाघ ने उन्हें बचाने गए एक किशोर पर भी हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। बंडू और किशोर चचेरे भाई हैं। घटना की जानकारी मिलने पर वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया। इस समय गुस्साई भीड़ ने बाघ की सुरक्षा की मांग की। ऐसा प्रतीत होता है कि 22 मौतों में से अधिकांश लोग जंगल में लकड़ी, जलावन और तेंदू पत्ता इकट्ठा करते समय बाघ के हमले का शिकार हुए।