logo_banner
Breaking
  • ⁕ वर्धमान नगर- डिप्टी सिग्नल "बहरीन बाई सोनबोइर" फ्लाईओवर जनता को समर्पित, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया उद्घाटन ⁕
  • ⁕ Gondia: सखी वन स्टॉप सेंटर की तत्परता: बिहार और भुसावल की दो लापता महिलाएं सकुशल पहुंचीं घर ⁕
  • ⁕ Chandrapur: ड्रग्स मुक्त बनाने की ओर बड़ा कदम: पुलिस ने नष्ट किया 66 लाख रुपये का मादक पदार्थ ⁕
  • ⁕ Nagpur: कोथुलना के पास लहसुन से भरा ट्रक पलटा, दो गंभीर रूप से घायल; स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग ⁕
  • ⁕ Nagpur: आर्थिक अनियमितता के मामले में बड़ी कार्रवाई: अरोली की सरपंच रोशनी भुरे अपात्र घोषित, अपर आयुक्त का फैसला ⁕
  • ⁕ Bhandara: तुमसर में सफाई कर्मचारियों ने मुख्याधिकारी की गाड़ी घेरी, आमरण अनशन शुरू ⁕
  • ⁕ रिश्ते शर्मसार: मां दूध लेने गई बाहर, कलयुगी पिता ने अकेली नाबालिग बेटी से की अश्लील हरकत; विरोध करने पर पीटा, गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Chandrapur

Chandrapur: जिले में 694 पुलों का सर्वेक्षण जारी कुंडमळा पुल हादसे के बाद राज्यभर में पुलों की जांच शुरू


पवन झबाडे

चंद्रपुर: पुणे जिले की इंद्रायणी नदी पर स्थित कुंडमळा पुल के ढहने से हुई भीषण दुर्घटना में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 51 लोग घायल हो गए। इस हादसे के बाद पूरे महाराष्ट्र में हड़कंप मच गया है। इसी पृष्ठभूमि में सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) ने राज्य के सभी छोटे-बड़े पुलों की तत्काल जांच के आदेश जारी किए हैं।हालांकि हर वर्ष इस तरह की समीक्षा होती है, लेकिन इस बार यह प्रक्रिया अधिक गंभीरता और सतर्कता के साथ चलाई जा रही है। सभी संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

इस निर्देश के बाद चंद्रपुर जिले में सार्वजनिक निर्माण विभाग ने इस कार्य में तेज़ी लाई है। जिले के विभाग क्रमांक 1 के अंतर्गत 228, विभाग क्रमांक 2 में 235 और विभाग क्रमांक 3 में 231—इस प्रकार कुल 694 पुलों का सर्वेक्षण किया जा रहा है। इस सर्वेक्षण में पुलों की संरचनात्मक स्थिति, रिसाव, दरारें, जंग लगे लोहे के हिस्से और नदी के प्रवाह से होने वाली क्षति की बारीकी से जांच की जा रही है।

सर्वेक्षण के दौरान जो पुल खतरनाक स्थिति में पाए जा रहे हैं, उनकी मरम्मत का काम तुरंत शुरू किया जा रहा है। कई स्थानों पर यातायात को मोड़ने या पुलों को अस्थायी रूप से बंद करने का भी निर्णय लिया जा सकता है। प्रशासन इस बार नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान मे रखते हुए ऐसी कोई दुर्घटना दोबारा न हो, इसके लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।