नागपुर में बाल विवाह की कोशिश नाकाम, 15 वर्षीय लड़की को प्रशासन ने बचाया
नागपुर: नागपुर जिले के नरखेड तालुका स्थित मालापुर गांव में प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बाल विवाह की कोशिश को विफल कर दिया। धार्मिक कार्यक्रम की आड़ में 8वीं कक्षा में पढ़ने वाली 15 वर्षीय नाबालिग लड़की की शादी 35 वर्षीय व्यक्ति से कराई जा रही थी, जिसे समय रहते रोक लिया गया।
मामले की सूचना मिलते ही बाल संरक्षण कक्ष सक्रिय हुआ और कोंढाली पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर लड़की को सुरक्षित रेस्क्यू किया। इस घटना के बाद नरखेड पुलिस थाने में संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह बाल विवाह धार्मिक आयोजन के नाम पर छुपाकर किया जा रहा था। हालांकि प्रशासन की सतर्कता के चलते यह मामला उजागर हो गया और एक बड़ा अपराध टल गया। इस प्रकरण में बाल विवाह प्रतिबंध अधिनियम और पोक्सो कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि ऐसे कृत्य में शामिल आयोजकों और सहयोग करने वालों पर भी सख्त कार्रवाई होगी।
इस कार्रवाई में जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुनील मेसरे, जिला बाल संरक्षण अधिकारी मुश्ताक पठाण, पुलिस निरीक्षक मंगला मोकाशी, जिला बाल रक्षक समन्वयक प्रसेनजीत गायकवाड़ और चाइल्डलाइन प्रतिनिधि मीनाक्षी धडाडे की अहम भूमिका रही।
फिलहाल, रेस्क्यू की गई बच्ची की मेडिकल जांच कराई गई है और उसे आगे की सुरक्षा के लिए बाल गृह भेजने की प्रक्रिया जारी है। उसके पुनर्वास को लेकर अंतिम निर्णय बाल कल्याण समिति द्वारा लिया जाएगा।
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