मराठा आरक्षण आंदोलन: मनोज जरांगे के मुंबई मार्च पर गरमाई सियासत, 'हिंदुस्तानी भाऊ' के बयान से सोशल मीडिया पर बढ़ा विवाद
मुंबई: महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। मराठा आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे मनोज जरांगे पाटील के मुंबई कूच के बीच सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर विकास पाठक उर्फ ‘हिंदुस्तानी भाऊ’ का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने जरांगे पाटील और उनके आंदोलन पर निशाना साधा है। उनके बयान को लेकर मराठा आंदोलन से जुड़े लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है।
‘पिछली बार मुंबई आकर...’ क्या बोले हिंदुस्तानी भाऊ?
हिंदुस्तानी भाऊ ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में मनोज जरांगे पाटील के पिछले मुंबई आंदोलन का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पिछली बार आंदोलन के दौरान मुंबई में अव्यवस्था की स्थिति बनी थी। उन्होंने इसी संदर्भ में जरांगे पाटील के दोबारा मुंबई आने को लेकर सवाल उठाए और टिप्पणी की। उनके बयान के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया है।
मराठा आरक्षण को लेकर फिर आंदोलन
मनोज जरांगे पाटील मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक वे पिछले 19 दिनों से अनशन पर हैं। सरकार और जरांगे पाटील के बीच इस मुद्दे पर कई दौर की बातचीत भी हो चुकी है, लेकिन अभी तक उनकी मांगों पर अंतिम समाधान नहीं निकल पाया है।
मुंबई के आजाद मैदान में आंदोलन की तैयारी
12 सितंबर को हुई बैठक के बाद मुंबई के आजाद मैदान में आंदोलन करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद जरांगे पाटील समर्थकों के साथ मुंबई की ओर कूच कर रहे हैं। हालांकि, मुंबई पुलिस की ओर से आंदोलन के लिए अनुमति को लेकर स्थिति विवाद का विषय बनी हुई है।
पुलिस ने अनुमति को लेकर क्या कहा?
रिपोर्टों के अनुसार मुंबई पुलिस ने जरांगे पाटील के प्रस्तावित आंदोलन को अनुमति देने से इनकार किया है। इसके बावजूद जरांगे पाटील मुंबई की ओर बढ़ रहे हैं। पुलिस ने गणेशोत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था और शहर में होने वाली संभावित परेशानी को लेकर भी चिंता जताई है।
सरकार और आंदोलन के बीच भी बढ़ा तनाव
इस पूरे मामले के बीच महाराष्ट्र सरकार की ओर से भी जरांगे पाटील से गणेशोत्सव के दौरान मुंबई में आंदोलन नहीं करने की अपील की गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि मराठा समाज की 13 में से 12 मांगों को स्वीकार किया जा चुका है और मौजूदा समय में आंदोलन से कानून-व्यवस्था तथा आम नागरिकों को होने वाली परेशानी का मुद्दा उठाया गया है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी आंदोलन और आलोचना के बीच समाजहित को प्राथमिकता देने की बात कही है।
बयान से नया विवाद
अब हिंदुस्तानी भाऊ के बयान ने मराठा आरक्षण आंदोलन के बीच एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक तरफ जरांगे पाटील समर्थक मुंबई में आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनके आंदोलन को लेकर सोशल मीडिया पर विरोधी प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। आने वाले दिनों में यह विवाद और आंदोलन किस दिशा में जाता है, इस पर सभी की नजरें हैं।
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