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Gadchiroli

Gadchiroli: अंकित गोयल बने गडचिरोली रेंज के महानिरीक्षक, नक्सलियों के बुरे दिन शुरू


नागपुर: लोकसभा चुनाव (Loksabha Election) के पहले राज्य में बड़े प्रशसनिक बदलवा हुए। राज्य सरकार ने 17 आईपीएस और 42 आईएएस के ट्रांसफर किये गए। इसी के तहत डेढ़ साल पहले पुणे गाये अंकित गोयल (IPS Ankit Goyal) को प्रमोशन देकर दोबारा गडचिरोली भेज दिया गया है। राज्य सरकार ने गोयल को गडचिरोली रेंज का महानिरीक्षक (Inspector General) बनाया है। 

ज्ञात हो कि, गडचिरोली के पुलिस अधीक्षक के पद पर काम करते हुए गोयल नक्सलियों के काल बन गए थे। जिले के एसपी कार्यकाल के दौरान चलाये गए नक्सली अभियान में गोयल ने 55 नक्सलियों का खात्मा किया था। जिसमें मिलिंद तेलतुंबडे जैसा खूंखार नक्सली भी शामिल है। वहीं डेढ़ साल पहले सरकार ने उन्हें पुणे ट्रांसफर कर दिया था। 

गोयल को पदोन्नत कर गढ़चिरौली का पुलिस उप महानिरीक्षक नियुक्त किया गया। 2019 में कुरखेड़ा तालुका के जम्भुलखेड़ा रोड पर नक्सलियों द्वारा किए गए बारूदी सुरंग विस्फोट में 15 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। इसके बाद अंकित गोयल को गढ़चिरौली के पुलिस अधीक्षक पद की जिम्मेदारी दी गई. अपने ढाई साल के कार्यकाल के दौरान उन्होंने नक्सलियों के खात्मे के लिए विशेष रणनीति बनाई और नक्सल विरोधी अभियान चलाया।

इसके साथ ही 'डैडलोरा विंडो' जैसी गतिविधियां शुरू करके पुलिस और आदिवासियों के बीच एक संचार पुल बनाया गया। कहा जाता है कि इसमें उनकी सफलता से नक्सली आंदोलन की कमर टूट गयी. मुठभेड़ के दौरान गढ़चिरौली पुलिस बल के नक्सल विरोधी सी60 दस्ते ने 55 नक्सलियों को मार गिराया और 61 नक्सलियों को गिरफ्तार कर लिया. इस बीच 19 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया था।

खासकर, नक्सली आंदोलन को तब बड़ा झटका लगा जब वे नक्सलियों की केंद्रीय समिति के सदस्य और दंडकारण्य क्षेत्र के प्रमुख मिलिंद तेलतुंबडे को मारने में सफल रहे। इसमें कई बड़े नक्सली नेता मारे गये। इसके बाद से जिले में नक्सली गतिविधियों पर अंकुश लगा है। वर्तमान पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल ने उस परंपरा को जारी रखा है।

इसीलिए पिछले तीन साल से नक्सलियों के कई बड़े नेता भूमिगत हो गए हैं। कुछ लोग अबुज़माड की ओर भाग गये। सिर्फ सीमावर्ती इलाके में ही नक्सलियों की आवाजाही रहती है। गोयल के दोबारा गडचिरोली तैनाती से जो नक्सली अपनी आखिरी सांसे गिन रहे हैं, उन्हें पूरी तरह समाप्त होने का भरोसा जताया जा रहा है।