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Gadchiroli

Gadchiroli: नक्सली अभियान को बड़ा झटका, 10 लाख के इनामी दो महिला नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण


गडचिरोली: नए साल के पहले दिन खूंखार महिला नक्सली नेता तारक्का समेत 11 नक्सलियों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद 8 जनवरी को नक्सल आंदोलन को एक और झटका लगा है, जब दो और उग्र महिला नक्सलियों ने हिंसक आंदोलन को छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया।

आत्मसमर्पण करने वाली नक्सलियों की पहचान शामला जुरु पुडो उर्फ ​​लीला (36, गट्टेपल्ली, एटापल्ली), कंपनी नंबर 10 की सेक्शन कमांडर और भामरागढ़ दल सदस्य काजल मंगरु वड्डे उर्फ ​​लिम्मी (24, नेलगुंडा)। दोनों के खिलाफ कुल 53 अपराध दर्ज हैं और उन पर 10 लाख रुपये का इनाम रखा गया था।

एक जनवरी को जहाल नक्सली नेता व केंद्रीय कमेटी सदस्य भूपति की पत्नी विमला चंद्र सिदाम उर्फ ​​तारा उर्फ ​​वत्सला उर्फ ​​तारक्का समेत 11 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया था। इसके बाद दो और महिला नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। शमला पुडो को महाराष्ट्र सरकार द्वारा 8 लाख रुपये का इनाम दिया गया था, जबकि काजल वड्डे को 2 लाख रुपये का इनाम दिया गया था। आत्मसमर्पण करने के बाद दोनों को पुनर्वास के लिए केंद्र और राज्य सरकारों से क्रमशः 5.5 लाख रुपये और 4.5 लाख रुपये का इनाम मिलेगा। 2022 से अब तक कुल 46 उग्र नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।

आत्मसमर्पण अभियान पुलिस महानिरीक्षक संदीप पाटिल, नक्सल विरोधी अभियान, उप महानिरीक्षक अंकित गोयल, राज्य रिजर्व बल के उप महानिरीक्षक (संचालन) अजय कुमार शर्मा, पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल और कमांडेंट के मार्गदर्शन में चल रहा है। राज्य रिजर्व बल की 113वीं बटालियन के जवान जसवीर सिंह।

14 साल की उम्र में नक्सली अभियान से जुड़े 

शामला पुडो दंडकारण्य स्पेशल जोन कमेटी के सदस्य रूपेश मडावी उर्फ ​​सांबा की पत्नी है, जो 23 सितंबर 2024 को मुठभेड़ में मारा गया था। 2002 में उन्हें चामोर्शी दलम के सदस्य के रूप में भर्ती किया गया। उस समय वह मुश्किल से 14 साल की थी। बाद में उन्होंने 2007 तक प्लाटून नंबर 7 में सेवा की। 2007 में उनका स्थानांतरण कंपनी नं. 4 में कर दिया गया। 2008 में उन्हें पीपीसीएम के पद पर पदोन्नत किया गया और वे सेक्शन कमांडर के रूप में कंपनी नंबर 4 में शामिल हुईं।

2010 में उनका तबादला कंपनी नं. 10 में कर दिया गया। तब से वह सेक्शन कमांडर के पद पर कार्यरत हैं। उसके खिलाफ 45 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें 21 मुठभेड़, 6 आगजनी और 18 अन्य अपराध शामिल हैं। काजल मंगरू वड्डे को जनवरी 2018 में भामरागड़ दलम के सदस्य के रूप में भर्ती किया गया था। वह अब तक इसी क्षेत्र में काम कर रही थी। अपने करियर के दौरान उसने 8 अपराध किये। इसमें 4 मुठभेड़, 1 आगजनी और 3 अन्य अपराध शामिल हैं।