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Gadchiroli

अनेक लाभार्थी सरकार की दिवाली भेट से वंचित, धानोरा तहसील का मामला


गड़चिरोली: इस वर्ष राज्य सरकार ने राज्य के गरीब तबके के नागरिकों को दिवाली का तोहफा देने की बात कहते हुए केवल 100 रूपयों में राशन किट का संपूर्ण राज्य में वितरण किया. वहीं राज्य के आखरी छोर पर बसे गड़चिरोली जिले में भी सरकार की राशन किट पहुंची. जिससे राशनकार्ड़धारक लाभार्थियों को दिवाली में बड़ी राहत मिली. लेकिन दुसरी ओर गड़चिरोली जिले के पिछड़े व दुर्गम तहसील के रूप में पहंचाने जानेवाली धानोरा तहसील के अनेक गांवों में सरकार की राशन किट नहीं पहुंचाने का मामला सामने आया है. जिसके कारण इस तहसील के लाभार्थियों को अनाज के बगैर ही दिवाली मनानी पड़ी. लाभार्थियों तक अनाज पहुंचाने के लिये उचित नियोजन नहीं किए जाने के कारण इस तहसील के अनेक लाभार्थियों के सरकार की राशन किट से वंचित रहना पडऩे की बात कही जा रही है. 

तहसील के 28 गांवों में नहीं पहुंचा राशन

बताया जा रहा है कि, धानोरा तहसील के 28 गांवों में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना, प्राधान्य कुटुंब, अंत्योदय योजना आदि योजनाओं के गेंहू और चावल पहुंचे ही नहीं है. जिसके कारण संबंधित गांवों के राशनकार्ड़धारकों को अनाज से वंचित रहना पड़ा है. जिनमें से पेंढऱी, मुरूमगांव दुकान क्रं. 1, 2 तलोधी, कोंदावाही, चिंचोला, पुसटोला, लेखा, सायगांव, कणगड़ी, मोहगांव, गोड़लवाही, हिपानेर, इरूपढोडऱी, खेड़ेगांव, निमगांव, सालेभट्टी, हिरणगे, कुलभट्टी, कोल्हारबोड़ी, खामतला, मुरूमाड़ी, येरकड़, कोसमी और गुर्रेकसा आदि गांवों का समावेश है. 

39 दुकानों में नहीं पहुंचा खाद्यतेल

सरकार स्तर से खाद्यतेल की आपुर्ति की गई, लेकिन तहसील के अनेक दुकानों में खाद्यतेल नहीं पहुंचा है. जिसके कारण तहसील के खांबाला के दुकान क्रं. 1, 2, कोल्हारबोड़ी, खामतला, सुरसुंड़ी, मंगेवाड़ा, बोधनखेड़ा, सावरगांव, देवसूर, कोसमी, गोड़लवाही, हिपानेर, कोंदावाही, मीचगांव (झा), कचकल, पुसटोला, चिचोला, गट्टा, मुरूमगांव, रोंड़ावाही, जप्पी, पेंढऱी, मोहगांव, सावंगा, पेकिगमुड़झा, पयडी, दुर्गापुर, झाड़ापापड़ा, कनेरी, मुस्का और सायगांव ऐसे 39 गांवों में खाद्य तेल नहीं पहुंचने की जानकारी मिली है. 

सितंबर माह का नहीं मिला अनाज 

धानोरा तहसील में सिंतबर माह का सरकारी अनाज नहीं पहुंचने की जानकारी मिली है. वहीं दुसरी ओर तहसील के गोदाम में अनाज शेष नहीं है. गेंहु न के बराकर होने के साथ ही किसी भी योजना का चावल नहीं पहुंचा है. वहीं सिंतबर माह का अनाज सरकार द्वारा नहीं भिजवाया गया है. अब अक्टूबर माह खत्म होकर नवंबर माह शुरू हो गया है. लेकिन अनाज नहीं पहुंचने के कारण राशनकार्ड़धारकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.