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Gadchiroli

मोबाइल ने छिना बचपन; मैदान जाना भूले बच्चे, चढ़ा 'गेम' का नशा


गड़चिरोली: आज का आधुनिक युग 'ऑनलाईन' के चलते डीजीटल हुआ है। विभिन्न व्यवहार, सरकारी कार्य के ऑनलाईन हुए है. कैशलेस व्यवहार को भी बढ़ाया दिया जा रहा है. जिस कारण आज सभी खासों-आम के लिए स्मार्टफोन जरूरत की वस्तू बन गई है। वहीं बिते 2 वर्ष कोरोना महामारी के कारण स्कूलें बंद थी। जिससे छात्रों का शैक्षणिक नुकसान न हो, इसलिए सरकार व प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों को ऑनलाईन शिक्षा दी जा रही थी। जिससे अनेक अभिभावकों ने अपने बच्चों के भविष्य को देखते हुए उनके हाथों में मोबाईल थमाएं। 2 वर्ष विद्यार्थियों ने मोबाईल के माध्यम से ऑनलाईन शिक्षा अर्जित की है। किंतु अब ऑफलाईन प्रत्यक्ष स्कूलों में शिक्षा शुरू हुई है। किंतु विद्यार्थियों के हाथों से मोबाईल छूटता नजर नहीं आ रहा है।

विद्यार्थी अब ऑनलाईन शिक्षा के लिए नहीं बल्की, मोबाईल पर ऑनलाईन व अन्य गेम खेलने में व्यस्त नजर आ रहे है. जिससे विगत कुछ दिनों से देश का भविष्य मोबाईल पर उलझा नजर आ रहा है। छात्रों के जीवन में शिक्षा के साथ ही खेल का भी काफी महत्व है। विभिन्न मैदानी खेलों से विद्यार्थियों शारिरीक तथा मानसिक विकास होता है। किंतु मोबाईल पर विद्यार्थी उलझे रहने के चलते अब विद्यार्थियों का मैदानी खेलों की ओर अनदेखी हो रही है। जिससे अब मैदानों में खेलकुद करते बच्चों की संख्या कम ही देखने को मिल रही है, मात्र वहीं विद्यार्थी घर पर एक कोने में चुपचाप मोबाईल पर गेम खेलते घर घर देखे जा रहे है।

अभिभावक भी अपने बच्चों को आसानी से मोबाईल दे रहे है. वहीं कुछ बच्चे जिद्द करके अपने अभिभावकों से मोबाईल लेते है. ऐसे में देश का भविष्य मोबाईल विश्व में खो रहा है, ऐसी बात कहीं जा रही है। आज के युग में मोबाईल का उपयोग अच्छी बात है, लेकिन इसका अत्याधिक उपयोग तथा मोबाईल गेम पर विद्यार्थियों का ध्यान व्यापक मात्रा में केंद्रीत होना यह भविष्य में नुकसानदेह होने की बात सुज्ञ नागरिकों द्वारा कहीं जा रही है. इसके लिए अभिभावकों को ही आगे आने की जरूरत है।

नौनिहालों में कार्टून का क्रेज

माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक वर्ग के बच्चों में विभिन्न तरह के ऑनलाईन गेम की लत दिखाई दे रही है, इसी के साथ ही नौनिहाल बच्चे भी मोबाईल की ओर आकर्षित नजर आ रहे है। यहां बतां दे कि, अनेक छोटे-छोटे बच्चे मोबाईल पर कार्टून देखने में व्यस्त नजर आते है। इसी के साथ ही कुछ बच्चे अन्य गेम अथवा युटूब पर विडीओ की दुनिया में खोते दिखाई पड़ रहे है। बच्चों में मोबाईल का बढ़ता क्रेज नुकसानदेह होने की बात कहीं जा रही है।

आंखों पर बुरा असर होने की संभावना

घंटो,घंटे मोबाईल पर आंखे टिकाएं रखने के कारण आंखों की समस्या निर्माण होने की बात नेत्र चिकित्सकों द्वारा कहीं जा रही है. ऐसे में मोबाईल पर गेम खेलनेवाले तथा कार्टून व अन्य विडीओ देखनेवाले बच्चों में भी यह समस्या निर्माण होने की बात कहीं जा रही है। जिस कारण बच्चों को मोबाईल के इस लत से बाहर निकालने की आवश्यकता है. इसके लिए अभिभावकों को खासकर ध्यान देना जरूरी है। आज के युग में मोबाईल जरूरी वस्तू बन गई है, किंतु इसका अधिक उपयोग घातक साबित हो सकता है।