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Gadchiroli

तीन जिलों में दहशत का पर्याय बनी और 13 से अधिक लोगों की जान लेने वाली सीटी बाघिन वन विभाग के ट्रैप में फंसी


गडचिरोली- 13 इंसानों को मारने वाली सीटी बाघिन को पकड़ने में आख़िरकार वन विभाग को कामियाबी मिली है.चंद्रपुर,भंडारा और गडचिरोली जिले में बीते एक बरस से यह बाघिन दहशत का पर्याय बन चुकी थी.इन तीनों ही जिलों में जंगल से सटे इलाके में नागरिकों में न सिर्फ दहशत का माहौल था बल्कि यहाँ ग्रामीणों के रोजमर्रा के काम भी प्रभावित हुए थे.
कई जिलों की वन विभाग की टीम लंबे वक्त से इस सीटी बाघिन को पकड़ने के लिए प्रयास कर रही थी.कई जगहों पर वन विभाग ने अपना जाल भी बिछाया था लेकिन कामियाबी नहीं मिली अंततः गुरुवार सुबह 8 बजे के क़रीब गढ़चिरोली जिले के देसाईगंज वनपरिक्षेत्र के वालूमाता जंगल परिसर में वन विभाग को इस बाघिन को पकड़ने में कामियाबी मिली।
इस बाघिन ने अब तक 13 से अधिक नागरिकों को मारा है.इसे पकड़ने के लिए ताडोबा व्याघ्र प्रकल्प के विशेष दस्ते को तैनात किया गया था.यह पथक बीते तीन महीने से इसे पकड़ने के लिए प्रयास कर रहा था.वन विभाग की टीम को वालूमाता क्षेत्र में दो दिन पहले एक बाघ ने गाय को मारा था.इस ख़बर के सामने आने के बाद वन विभाग की टीम ने बुधवार रात को इलाके में बाघ को पकड़ने के लिए जाल बिछाया था.बाघ को ट्रैप में फंसाने के लिए गाय भी रखी गयी थी.आख़िरकार सुबह सीटी 1 बाघिन वन विभाग के फंदे में फंस गयी.वन विभाग की इस कार्रवाई के बाद यह भी साफ हुआ की परिसर में गाय को मारने वाली यही नरभक्षी बाघिन थी.बाघिन के दिखाई देने पर शार्प शूटर ने उस पर डॉर्ट ( बेहोश करने का इंजेक्शन) मारकर पकड़ा।