logo_banner
Breaking
  • ⁕ ओला-उबर और रैपिडो के लिए नई नीति लाने की तैयारी, नितिन गडकरी बोले- 12 करोड़ लोगों को मिल सकता है रोजगार ⁕
  • ⁕ धर्मांतरण के बाद पुराने जातिगत दर्जे के आधार पर नहीं मिलेगा आरक्षण, सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को ठहराया सही ⁕
  • ⁕ एसटी के बेड़े में शामिल होंगी 200 लग्जरी वॉल्वो बसें, 170 सीटिंग और 30 स्लीपर कोच का ऑर्डर ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में 40 दिनों में 36 किसानों की आत्महत्या! ₹5 हजार की मदद को यशोमति ठाकुर ने बताया ‘भीख’ ⁕
  • ⁕ DoT का नया निर्देश; नंबर सेव नहीं होने पर भी पता चलेगी कॉलर की पहचान, 4G और 5G नेटवर्क पर मिलेगी सुविधा ⁕
  • ⁕ इमरान खान की बढ़ीं मुश्किलें! 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती जिला बैंक की अंतिम सूची में 2,852 मतदाता, अक्टूबर के आखिर में बजेगा चुनाव का बिगुल ⁕
  • ⁕ Yavatmal: रालेगांव तहसील समूह में सत्ता परिवर्तन! वडकी में वर्षा तेलंगे की हार, प्रवीण कोकाटे की शानदार जीत ⁕
  • ⁕ Buldhana: 'हमें भीख नहीं, मदद चाहिए', बुलढाणा में किसान संघ ने कद्दू और चॉकलेट देकर सरकार के खिलाफ निकाला गुस्सा.. ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Gadchiroli

Gadchiroli: इधर तड़पते रहे दुर्घटना में घायल दो व्यक्ति, उधर नशे में धूत पड़े रहे वैद्यकीय अधिकारी, एटापल्ली के ग्रामीण अस्पताल का मामला


गड़चिरोली: आदिवासी बहुल और नक्सलग्रस्त एटापल्ली तहसील मुख्यालय के ग्रामीण अस्पताल में पहले से ही डाक्टरों की कमी है। ऐसे में रविवार की रात दुर्घटना में घायल हुए व्यक्तियों का उपचार करने के बजाए इस अस्पताल के प्रभारी वैद्यकीय अधिकारी डॉ योगेश मानकर अपने कमरे में शराब के नशे में धूत नजर आये। 

अस्पताल में उनके अलावा अन्य कोई डाक्टर मौजूद नहीं होने से घायल व्यक्तियों के परिजनों ने स्वयं होकर डाक्टर के कमरे में पहुंचकर उन्हें अपन कंधा दिया और अस्पताल पहुंचाया। इस मामले में घायल व्यक्तियों के परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठों से शिकायत की जिसके बाद सोमवार को जिला शल्य चिकित्सक डॉ प्रमोद खंडाते ने मामले की जांच के लिए समिति का गठन किया है। उधर स्थानीय लोगों ने नशेड़ी वैद्यकीय अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनका अन्यत्र तबादला करने की मांग भी की है। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार की रात गड़चिरोली से एटापल्ली आ रही एक चार पहियां वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस दुर्घटना में रविंद्र महादेव मोरकर और देवराव उमरे नामक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गये। घायल अवस्था में दोनों को उपचार हेतु तत्काल एटापल्ली के ग्रामीण अस्पताल में पहुंचाया गया। लेकिन उस समय अस्पताल के प्रभारी वैद्यकीय अधिकारी डॉ योगेश मानकर अस्पताल में मौजूद नहीं थे। 

घायलों के परिजनों द्वारा अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ करने पर डॉ मानकर के अपने सरकारी निवासस्थान में होने की जानकारी मिली। जिसके बाद कुछ लोग डॉ मानकर के सरकारी निवास स्थान में पहुंचे। लेकिन इस समय डॉ मानकर शराब के नशे में धूत थे। वे फर्श पर बैठकर मोबाईल देख रहें थे। उन्हें उठना भी संभव नहीं हो रहा था। लोगों ने डॉ मानकर को सहारा दिया और उन्हें खड़ा किया। लेकिन वे इस कदर नशे में धूत थे कि, उनसे चलना भी नहीं हो रहा था। 

जैसे-तैसे वे अस्पताल में पहुंचे, मात्र उपचार कराने की हालत में वें नहीं थे। इस कारण अस्पताल में मौजूद परिचारिका की मदद से दोनों घायलों पर प्राथमिक उपचार किया गया। इस गंभीर मामले की स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की है। शिकायत के मिलते ही विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए समिति का गठन भी किया है।

सोमवार को जांच समिति के अधिकारियों ने एटापल्ली के अस्पताल पहुंचकर जांच शुरू करने की जानकारी मिली है। उधर जिला परिषद के जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ प्रताप शिंदे की सूचना के अनुसार, तहसील वैद्यकीय अधिकारी ने डॉ मेश्राम पर इस अस्पताल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। 

जांच समिति द्वारा मामले की जांच के बाद ही संबंधित नशेडी डा. मानकर के खिलाफ कार्रवाई होगी। अब इस समिति की रिपोर्ट की ओर सभी की निगाहें लगी हुई है। उधर एटापल्ली के स्थानीय लोगों ने डॉ मानकर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनका अन्यत्र तबादला करने की मांग की है।