logo_banner
Breaking
  • ⁕ डीजे बैन को लेकर नागपुर में घमासान, दहीहंडी आयोजकों ने पुलिस का निर्णय मानने से किया इनकार, कहा- हर कीमत में बजाएंगे ⁕
  • ⁕ अगस्त महीना रहा सूखा, विदर्भ में 58 प्रतिशत कम बारिश; बारिश की कमी से संतरा, सोयाबीन और कपास पर संकट ⁕
  • ⁕ भंडारे, लंगर और शादी की पंगत के लिए FDA का नया फरमान; आयोजन से 7 दिन पहले लेनी होगी अनुमति, मुंडे ने जारी की स्थायी गाइडलाइन ⁕
  • ⁕ डीजे बैन को लेकर भाजपा में दो फाड़! विधायक प्रवीण दटके ने निर्णय को बताया हिन्दू आस्था पर हमला; संदीप जोशी का पलटवार- किसी ने गोबर खाया तो.... ⁕
  • ⁕ Akola: बांध पर किसानों का विरोध; 200 मीटर तक पहुंचने के बावजूद किसानों से बात किए बिना कलेक्टर वापस लौटे, किसानों में नाराजगी ⁕
  • ⁕ Amravati: मोर्शी वन क्षेत्र में आदमखोर बाघिन को पकड़ने की कोशिशें जारी, रेस्क्यू टीम चौबीसों घंटे कर रहीं काम ⁕
  • ⁕ Nagpur: मल्टीलेयर साउंड सिस्टम, प्लाज्मा और प्रेशर मिड पर रोक; पुलिस आयुक्त की 60 दिन की अधिसूचना ⁕
  • ⁕ Nagpur: डांस क्लास जाने की बात पर पति-पत्नी में हुआ विवाद, दो बच्चों के सामने पति ने पत्नी के गले और पेट पर किए वार ⁕
  • ⁕ Nagpur: शराब को लेकर पति-पत्नी में हुआ विवाद, महिला की जान गई; पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Nagpur: 8 साल की बच्ची से कोच ने की छेड़खानी, पुलिस ने आरोपी कोच को किया गिरफ्तार ⁕
Maharashtra

अफजल खान की कब्र पर बावनकुले ने उद्धव ठाकरे को घेरा, कहा- कांग्रेस, एनसीपी के दबाव में नहीं हटाया अतिक्रमण


नागपुर: सातारा जिले में प्रतापगढ़ किले की तलहटी पर बनी अफजल खान (Afzal Khan) की कब्र को लेकर विवाद काफी लंबे समय से चला आ रहा है। इसी बीच राज्य की वन विभाग ने कब्र के पास पास किए अतिक्रमण को हटाने का काम शुरू कर दिया है। वहीं अब इस को लेकर महाराष्ट्र भाजपा (Maharashtra BJP) अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले (Chandrashekhar Bawankule) ने शिवसेना नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Udhav Thackeray) पर हमला बोला है। बावनकुले ने कहा, "अफजल खान की कब्र के पास से अतिक्रमण हटाया गया, उद्धव ठाकरे सरकार के दौरान अतिक्रमण हटाने को कहा गया, लेकिन एनसीपी और कांग्रेस के दबाव में उसने कार्रवाई नहीं की।"

भाजपा नेता ने आगे कहा, "लेकिन मैं शिंदे फडणवीस सरकार को इस अतिक्रमण को हटाने के लिए बधाई देता हूं। सही मायने में प्रतापगढ़ की स्थिति कहीं कम हो गई होगी, इस क्रिया से उसे जीवित रहने में मदद मिलेगी।"

क्या है पूरा मामला?

अफजल खान की कब्र को लेकर लगातार विवाद रहा है। शिवजी महाराज ने अफजल खान ने हत्या कर दी थी। इसके बाद मुसलमानों ने वहां कब्र बना दी थी। दो दशक से अधिक लंबे समय तक यह कब्र जीर्ण-शीर्ण अवस्‍था में रहा, लेकिन फिर साल 2000 में मुस्लिमों ने इस कब्र पर दावा करते हुए यहां एक शेल्टर बनाने का फैसला किया। इसके लिए वन विभाग ने  दरगाह ट्रस्‍ट को कब्र के आसपास की थोड़ी जमीन का आवंटन किया था। लेकिन बीते दस सालों में इसकी स्‍थायी संरचना का धीरे-धीरे विस्‍तार होने लगा। इतना ही नहीं, हजरत मोहम्मद अफजल खान मेमोरियल ट्रस्ट के नाम पर किले के आसपास वन विभाग की लगभग 5,500 वर्ग फुट की जमीन पर कब्जा जमा लिया गया।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अतिक्रमण हटाने का दिया था आदेश

साल 2004 में विश्व हिंदू परिषद ने कब्र के नाम पर किए गए इस अवैध कब्‍जे के खिलाफ आवाज उठाई थी। इस पर विवाद बढ़ता गया तो साल 2007 में प्रतापगढ़ उत्सव समिति के स्थानीय नगरसेवक मिलिंद एकबोटे की अध्यक्षता में बॉम्‍बे हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई, जिसमें कब्र पर दरगाह को हटाने की मांग की गई थी। इस पर सुनवाई हुई और आखिर में न्‍यायमूर्ति जेएन पटेल और न्‍यायमूर्ति एस के कथावाला की पीठ ने कब्र पर अवैध ढांचे को गिराने का आदेश यह कहते हुए दिया कि जमीन वन विभाग की है और इस पर किसी भी निर्माण की इजाजत नहीं दी जाएगी।