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Maharashtra

गणेशोत्सव और महाप्रसाद पर FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे का बड़ा बयान, कहा- 'नियम सबके लिए बराबर'


मुंबई: अन्न व औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने हाल ही में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में अपने विभाग की कार्रवाई और कार्यप्रणाली का ब्योरा दिया। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा राज्यभर में अब तक 3100 से अधिक प्रतिष्ठानों की सघन जांच की जा चुकी है। वहीं, आगामी गणेशोत्सव के मद्देनजर विभिन्न गणेश मंडलों द्वारा आयोजित किए जाने वाले महाप्रसाद और भंडारे के संबंध में पूछे गए सवाल पर उन्होंने FDA की आधिकारिक भूमिका को स्पष्ट किया।

पत्रकार वार्ता में जब तुकाराम मुंढे से गणेशोत्सव के दौरान होने वाले भंडारे और महाप्रसाद को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि हम सभी को एक बात समझनी होगी कि यह मामला किसी विशेष महाप्रसाद, भंडारे या ईद और गणेशोत्सव जैसे त्योहारों से जुड़ा नहीं है। "इट इज अबाउट रेगुलेशंस" (यह नियमों का विषय है)। सवाल यह है कि जो कुछ भी हो रहा है, क्या वह तय नियमों और मानकों के अनुसार हो रहा है या नहीं।

"नियमों का पालन जरूरी, इसमें कुछ नया नहीं"
आगे बोलते हुए तुकाराम मुंढे ने कहा कि खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत प्रत्येक फूड बिजनेस (खाद्य कारोबार) के लिए लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। जो मानक और नियम पहले से तय हैं, उनका सख्ती से पालन होना ही चाहिए; इसमें कुछ भी नया नहीं है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां कहीं भी बिना लाइसेंस, बिना तय मानकों और बिना प्रोटोकॉल के काम किया जा रहा है, वह नियमों का सीधा उल्लंघन है। ऐसे मामलों में त्योहारों का मौसम है या नहीं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। प्रत्येक फूड बिजनेस ऑपरेटर (FBO) को वैध लाइसेंस लेना होगा, पंजीकृत होना होगा और तय मानकों के अनुरूप ही खाद्य सामग्री की आपूर्ति करनी होगी। यह एक सामान्य और निरंतर चलने वाली प्रक्रिया (रूटीन प्रोसेस) है, न कि केवल त्योहारी सीजन तक सीमित कोई विशेष अभियान।