MPSC अभ्यर्थियों को बड़ी राहत! ग्रुप-C में 16 हजार से ज्यादा पदों की सिफारिश, आयु सीमा में भी मिलेगी एक साल की छूट
मुंबई: महाराष्ट्र में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की ग्रुप-C संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा 2026 में पदों की संख्या बढ़ाकर 16 हजार से अधिक करने की सिफारिश की गई है। इसके साथ ही विभिन्न सरकारी भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में एक बार के लिए एक साल की छूट देने का प्रस्ताव भी रखा गया है। इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है।
ग्रुप-C में 11 हजार से अधिक अतिरिक्त पद जोड़ने की सिफारिश
जानकारी के मुताबिक, MPSC ग्रुप-C संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा 2026 के लिए अब तक करीब 12 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। फिलहाल 5 हजार से अधिक पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया है। वहीं, विभिन्न सरकारी विभागों ने आयोग को 11 हजार से अधिक अतिरिक्त पदों की मांग भेजी है। समिति ने इन पदों को शुद्धिपत्र के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने की सिफारिश की है। इससे कुल पदों की संख्या 16 हजार से अधिक हो सकती है।
आयु सीमा में एक साल की छूट का प्रस्ताव
समिति ने अभ्यर्थियों की मांगों को ध्यान में रखते हुए सभी सरकारी भर्ती परीक्षाओं में अधिकतम आयु सीमा में एक बार के लिए एक साल की विशेष छूट देने की सिफारिश की है। यह छूट 1 जनवरी 2026 के बाद जारी उन भर्ती विज्ञापनों पर लागू होगी, जिनकी चयन प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है। इसके अलावा 31 दिसंबर 2027 तक जारी होने वाले विज्ञापनों को भी इसके दायरे में शामिल करने का प्रस्ताव है।
दोबारा खुल सकती है आवेदन प्रक्रिया
अतिरिक्त पदों और आयु सीमा में प्रस्तावित छूट का लाभ नए पात्र अभ्यर्थियों को मिल सके, इसके लिए समिति ने MPSC ग्रुप-C परीक्षा 2026 की आवेदन प्रक्रिया एक बार फिर शुरू करने की सिफारिश की है। इससे वे अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकेंगे, जो अतिरिक्त पदों और आयु सीमा में छूट के कारण पात्र बनेंगे।
परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने पर जोर
समिति ने परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए कई अन्य सुझाव भी दिए हैं। इनमें ग्रुप-C प्रारंभिक परीक्षा के मौजूदा पैटर्न और पाठ्यक्रम में बदलाव नहीं करने, नए शामिल होने वाले संवर्गों की मुख्य परीक्षा का पाठ्यक्रम जल्द जारी करने तथा पहले तैयार की गई प्रश्नपत्र निर्माण प्रक्रिया रद्द कर सुरक्षित तरीके से नए प्रश्नपत्र तैयार करने की सिफारिश शामिल है।
इसके अलावा प्रश्नपत्रों और OMR उत्तर पुस्तिकाओं की छपाई, भंडारण और परिवहन के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था करने का सुझाव दिया गया है। परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बंदोबस्त, CCTV कैमरे, सिग्नल जैमर और प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती की भी सिफारिश की गई है।
गौरतलब है कि IAS अधिकारी वी. राधा की अध्यक्षता में 4 सितंबर 2026 को इस उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया था। समिति ने विद्यार्थियों और अन्य संबंधित पक्षों से मिले सुझावों और मांगों का अध्ययन करने के बाद अंतरिम रिपोर्ट सौंपी है। हालांकि, ये सिफारिशें हैं और इनके क्रियान्वयन को लेकर राज्य सरकार के अंतिम निर्णय का इंतजार रहेगा।
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