महाराष्ट्र की राजनीति में अगले 3-4 महीनों में बड़े बदलाव के संकेत! संजय शिरसाट बोले- पर्दे के पीछे कुछ बड़ा पक रहा है
मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़े सियासी उलटफेर की चर्चाएं तेज हो गई हैं। विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद महायुति के घटक दलों के बीच जारी बयानबाजी के बीच शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता और राज्य के सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट ने राज्य की राजनीति में आने वाले दिनों में बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं। उन्होंने दावा किया कि अगले 3 से 4 महीनों में महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। शिरसाट के मुताबिक, पर्दे के पीछे कुछ बड़ी राजनीतिक गतिविधियां चल रही हैं, लेकिन फिलहाल उनके बारे में निश्चित तौर पर कुछ कहना मुश्किल है।
मुख्यमंत्री बदलने की चर्चा और एकनाथ शिंदे का नाम
एक समाचार चैनल से बातचीत के दौरान संजय शिरसाट ने कहा कि महाराष्ट्र में एक तरफ मुख्यमंत्री बदलने की चर्चाएं चलती हैं, तो दूसरी तरफ एकनाथ शिंदे का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए सामने आने लगता है। ऐसे में राजनीतिक समीकरण काफी उलझे हुए हैं। अभी यह कहना मुश्किल है कि आने वाले दिनों में वास्तव में क्या होगा, लेकिन अगले 3 से 4 महीनों में राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव होने की संभावना है।
उन्होंने एकनाथ शिंदे को आम लोगों का नेता बताते हुए कहा कि आने वाला साल शिवसेना का होगा। साथ ही उन्होंने शिंदे के नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चाओं को भी महत्वपूर्ण बताया।
फडणवीस और ठाकरे बंधुओं की मुलाकात पर क्या बोले शिरसाट?
29 अक्टूबर को मुंबई में आयोजित एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक ही मंच पर नजर आए थे। इस मुलाकात के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं।
इस पर संजय शिरसाट ने कहा कि किसी सार्वजनिक या सांस्कृतिक कार्यक्रम में नेताओं का एक मंच पर आना कोई असामान्य बात नहीं है। केवल इस मुलाकात के आधार पर नए राजनीतिक समीकरण बनने का निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा।
हालांकि, उन्होंने भाजपा नेता आशीष शेलार और मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे के बीच हुई बातचीत को महत्वपूर्ण बताया। शिरसाट ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच वास्तव में क्या चर्चा हुई और क्या कोई राजनीतिक रणनीति बनी, यह जानना अधिक महत्वपूर्ण है।
भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बन के बयान पर नाराजगी
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन के शिवसेना नेताओं को लेकर दिए गए बयानों पर भी संजय शिरसाट ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि शिवसेना और भाजपा के बीच कोई खुला विवाद नहीं है और महायुति में सब कुछ ठीक है। हालांकि, भाजपा प्रवक्ता को बयान देते समय अपनी मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।
शिरसाट ने सवाल उठाया कि क्या नवनाथ बन के बयानों को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की आधिकारिक मंजूरी प्राप्त है? उन्होंने कहा कि इस तरह के बयानों पर भाजपा नेतृत्व से भी सवाल पूछा जा सकता है।
2019 के राजनीतिक घटनाक्रम की दिलाई याद
संजय शिरसाट ने 2019 के बाद महाराष्ट्र में हुए राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना विधायकों ने जो बगावत की थी, उसी के कारण आज भाजपा सत्ता में है। उन्होंने भाजपा नेताओं को इस राजनीतिक घटनाक्रम को नहीं भूलने की नसीहत दी।
शिरसाट के इस बयान के बाद महायुति के भीतर चल रही राजनीतिक खींचतान और आगामी दिनों में संभावित बदलावों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, उन्होंने किसी संभावित राजनीतिक बदलाव या नए समीकरण को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है।
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