logo_banner
Breaking
  • ⁕ 28 मार्च से शुरू होगा आईपीएल 2026, टी20 विश्वकप फ़ाइनल मैच के दिन तारीख का ऐलान ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ईंधन संकट की खबरों को बताया अफवाह, कहा- महाराष्ट्र में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं ⁕
  • ⁕ Amravati: विभागीय संदर्भ सेवा अस्पताल में 8 महीने से बंद पड़ी MRI मशीन, वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति नहीं मिलने से सेवा अब तक शुरू नहीं ⁕
  • ⁕ Amravati: ओवरटेक के दौरान गड्ढे में फंसी एसटी बस, मची अफरा-तफरी; हिवरखेड–सोनाळा मार्ग पर हुआ हादसा ⁕
  • ⁕ Amravati: कांग्रेस को बड़ा झटका, पूर्व स्वास्थ्य सभापति बाळासाहेब हिंगणीकर ने थामा भाजपा का दामन ⁕
  • ⁕ नागपुर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई, 3.72 लाख रुपये का गांजा जब्त, एक तस्कर गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ SBL एनर्जी कंपनी ब्लास्ट मामला: मृतकों की संख्या पहुंची 22, मालिक संजय चौधरी फरार ⁕
  • ⁕ Akola: खुदको आईबी अधिकारी बताकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में घुसपैठ करने वाले आरोपी को तीन दिन की पुलिस हिरासत ⁕
  • ⁕ Yavatmal: मुलावा फाटा-सावरगाव रोड पर रोंगटे खड़े करने वाला हादसा, युवक का सिर 12 किमी तक टैंकर में रहा फंसा ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Maharashtra

9 मार्च से नई ऑटो रिक्शा व टैक्सी परमिट पर रोक, परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने दी जानकारी


मुंबई: बढ़ते ट्रैफिक जाम को रोकने और शहरी प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सोमवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बैठक की। इस बैठक में राज्यभर में 9 मार्च से नई ऑटो रिक्शा व टैक्सी परमिट जारी करने पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया गया। साथ ही, राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में नई ऑटो रिक्शा व टैक्सी परमिट किन मानदंडों पर दिए जाएं, इस पर शीघ्र निर्णय लिया जाएगा तथा उसके अनुसार आगे की नीति निर्धारित की जाएगी, ऐसी मंत्री ने जानकारी दी। 

वर्तमान में राज्यभर लगभग 14 लाख से अधिक ऑटो रिक्शा व टैक्सी परमिट जारी किए गए हैं। महाराष्ट्र के 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में ऑटो रिक्शा व टैक्सी परमिट के संबंध में निर्णय लेने का अधिकार राज्य सरकार को ही है तथा भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने महाराष्ट्र सरकार को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने की सलाह दी है।

इस संदर्भ में परिवहन मंत्री ने केंद्र सरकार से पत्राचार किया था। उसके बाद केंद्र सरकार ने कार्यालयीन ज्ञापन द्वारा अपनी भूमिका स्पष्ट की। मंत्री ने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 67 (3) के अनुसार राज्य सरकारों को यात्री एवं माल परिवहन संबंधी परमिट बदलने तथा विभिन्न योजनाएं चलाने का अधिकार है। इन अधिकारों का उपयोग कर राज्य सरकारें लास्ट माइल कनेक्टिविटी सुधारने और ट्रैफिक जाम कम करने के लिए आवश्यक कदम उठा सकती हैं, ऐसा केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है। राज्य के नागरिकों को बेहतर, सुरक्षित और सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार शीघ्र आवश्यक नीतिगत निर्णय लेगी।