logo_banner
Breaking
  • ⁕ भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने, गिट्टीखदान इलाके में तनाव ⁕
  • ⁕ राज्य चुनाव आयोग ने ‘लाडली बहन योजना’ का लाभ अग्रिम रूप से देने पर लगाई रोक ⁕
  • ⁕ Nagpur: क्राइम ब्रांच की छापा मार कार्रवाई, साढ़े पाँच लाख का प्रतिबंधित गुटखा–तंबाकू जब्त ⁕
  • ⁕ Nagpur: नायलॉन मांजा पर हाईकोर्ट सख्त, पतंग उड़ाने पर 25,000 और बेचने पर 2.5 लाख रुपये का जुर्माना ⁕
  • ⁕ मनपा चुनाव के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार; सुरक्षा और तकनीकी इंतज़ाम पुख्ता, दोपहर तक परिणाम की संभावना ⁕
  • ⁕ मनपा चुनाव प्रचार का आज अंतिम दिन, रैलियों और जनसभाओं के ज़रिए प्रत्याशी झोंकेंगे पूरी ⁕
  • ⁕ प्रचार के अंतिम दिन भाजपा ने झोंकी पूरी ताक़त; फडणवीस निकाल रहे बाइक रैली, गडकरी और बावनकुले की जनसभाओं से मांगे जाएंगे वोट ⁕
  • ⁕ चांदी के भाव में उछाल का दौर जारी; नागपुर सराफा बाजार में 2,53,500 प्रति किलो पर पहुंची चांदी ⁕
  • ⁕ Bhandara: लाखोरी गांव के पास घूम रहे तीन भालू, इलाके में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Nagpur: नकली एमडी बिक्री विवाद में युवक पर जान लेवा हमला, चाकू मार कर किया गंभीर रूप से घायल ⁕
Nagpur

Border Issue: विपक्ष ने सरकार पर जमीन छोड़ने का लगाया आरोप, फडणवीस बोले- एक एक इंच के लिए लड़ेंगे


नागपुर: सीमा विवाद को लेकर विपक्षी दल सरकार पर हमलावर है। सत्र शुरू होने के पहले महाविकास अघाड़ी के नेताओं ने विधानसभा के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। वहीं सत्र शुरू होने के बाद विधानसभा और विधान परिषद में विपक्षी नेताओं को इस मुद्द्दे पर सरकार को घेरा। विपक्षी नेताओं ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पर इस मुद्दे पर गर्दन नीचे होने की बात कही। विपक्ष के इस आरोप पर फडणवीस ने जोरदार पलटवार किया। उन्होंने कहा कि, हम अपनी एक-एक इंच जमीन के लिए लड़ेंगे।"

विधानसभा के अंदर किसने क्या कहा?

नेता प्रतिपक्ष अजित पवार ने सदन के अंदर सीमा विवाद को उठाया। उन्होंने कहा, “कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र की पहचान को नष्ट करने की कोशिश की है। फैसला आज आ जाना चाहिए था। वे हमें विचलित करते हैं और हम शांत बैठते हैं। सभी की राय है कि हमें उन्हें एक ही जवाब देना चाहिए। सभी मराठी भाषियों को इस भूमिका को समझना चाहिए। जबकि हम लगातार अपना पक्ष रख रहे हैं, इसे दरकिनार करने की कोशिश की जा रही है।”

हम न बने तमाशबीन 

पवार के बाद कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चौहान ने भी अपनी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "महाराष्ट्र सरकार ने 2004 में सुप्रीम कोर्ट में इस मुद्दे को दायर किया है। कर्नाटक का इस पर प्रतिवाद है। वे राजनीतिक रूप से विवादित बयान देकर मामले को तूल देने की कोशिश कर रहे हैं।" 

उन्होंने आगे कहा, "मैं मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री से अनुरोध करता हूं कि इस मामले को गृह मंत्री तक ले जाएं। जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। आपको सिर्फ तमाशबीन नहीं बनना चाहिए। सभी मराठी भाषी हमारी ओर आशा की दृष्टि से देख रहे हैं। यह सही नहीं है कि हम एक तमाशबीन की भूमिका निभाकर उसे जवाब न दें। कर्नाटक को गंभीर चेतावनी दी जानी चाहिए।" 

सीएम-डीसीएम गर्दन निचे कर खड़े 

इसी मुद्दे पर बोलते हुए शिवसेना नेता भास्कर जाधव ने कहा, "मराठी भाइयों पर अत्याचार किया जा रहा है और सीमावर्ती क्षेत्रों में दमनकारी व्यवहार किया जा रहा है। इससे बड़ा काम और क्या होगा? सरकार को बाकी काम छोड़कर मराठी भाइयों के साथ हो रहे अन्याय को रोकना चाहिए और कर्नाटक को दिखाना चाहिए कि पूरा महाराष्ट्र मराठी भाइयों के साथ है। अमित शाह ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री को फोन कर संयम बरतने को कहा। लेकिन आज महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री अपना सिर नीचे किए हुए हैं।"

किसी के बाप में हिम्मत नहीं 

शिवसेना नेता के जाधव के बयान पर उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जोरदार पलटवार किया। उन्होंने कहा, "किसी के पिता की हिम्मत नहीं है कि इस मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री को झुकाएं।" उन्होंने आगे कहा, "हम किसी भी स्थिति में सीमावर्ती क्षेत्रों में रह रहे अपने लोगों को अकेला नहीं छोड़ेंगे। हम एक-एक इंच जमीन के लिए लड़ेंगे चाहे वह सुप्रीम कोर्ट हो या केंद्र। हम सीमावर्ती इलाकों में रहने वालों के साथ हुए अन्याय के खिलाफ लड़ेंगे और प्रस्ताव लाएंगे। महाराष्ट्र पीछे नहीं हटेगा।"