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क्या नितिन राऊत को सत्ता परिवर्तन की सटीक जानकारी थी ?


राज्य में सत्ता परिवर्तन होने के बाद शिंदे-फडणवीस की सरकार सत्ता में आई है। लेकिन इन दिनों एक सवाल  उठ रहा है कि क्या पूर्व ऊर्जा मंत्री नितिन राउत को पता था कि उद्धव ठाकरे की सरकार कब गिरेगी। वजह  ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव को बतौर ऊर्जा मंत्री लिखा गया पत्र है.

21 जून को एकनाथ शिंदे अपने सहयोगी विधायकों के साथ पहले सूरत और फिर गुवाहाटी पहुंचे. उस समय  महाविकास अघाड़ी सरकार का भविष्य अनिश्चित था. राज्य में सत्ता के इस अभूतपूर्व परिवर्तन के बाद एकनाथ शिंदे  भाजपा के समर्थन से राज्य में सरकार बनाये. एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने  30 जून को शपथ ली.  हालांकि इन सब राजनीतिक उथल पुथल  के  बीच राज्य के तत्कालीन ऊर्जा मंत्री नितिन राउत ने ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव को 20 जून को एक पत्र लिखकर ऊर्जा मंत्री के रूप में अपने कार्य पर एक 'कॉफी टेबल बुक' प्रकाशित करने को कहा था। 
इस पत्र में उन्होंने लिखा की 6 जनवरी  2020 को ऊर्जा मंत्री के रूप में उन्होंने कार्यभार ग्रहण किया और मंत्री के रूप में उनका कार्यकाल 29 जून, 2022 को समाप्त होने का ज़िक्र था। ऐसे में  906 दिनों तक ऊर्जा मंत्री रहे, अपने कार्यकाल में उन्होंने महावितरण और अन्य कंपनियों में आमूल-चूल परिवर्तन किए । उन्होंने बिजली की दरों को कम करने का भी दावा किया है वैसे आश्चर्य की बात यह है कि राउत के इस पत्र में उनके कार्यकाल का सिर्फ 29 जून तक ही कैसे जिक्र है.जबकि जब पत्र लिखा गया है तब तो सरकार स्थित थी।  

राज्य की सत्ता में भविष्य में क्या होने वाला है इसके बारे में क्या नितिन राउत को पहले से मालूम था. ये एक बड़ा सवाल है.