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Nagpur

सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का नहीं दिखा संतोषजनक, आयुक्त अभिजीत चौधरी ने दिए जाँच के आदेश


नागपुर: मनपा आयुक्त तथा प्रशासक तथा नागपुर महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के प्रभारी आयुक्त डॉ. अभिजीत चौधरी ने शनिवार को एमआईडीसी क्षेत्र में स्थित एसटीपी परियोजना का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एसटीपी परियोजना का कार्य असंतोषजनक पाए जाने पर डॉ. अभिजीत चौधरी ने जांच के आदेश दिए हैं।

इस अवसर पर अधीक्षक अभियंता डॉ. श्वेता बनर्जी, उपायुक्त राजेश भगत, मुख्य स्वच्छता अधिकारी डॉ. गजेंद्र महल्ले, धरमपेठ जोन की सहायक आयुक्त स्नेहलता कुंभार, कार्यकारी अभियंता विजय गुरुबक्शानी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

एमआईडीसी क्षेत्र में 3.2 एमएलडी सीवेज उपचार संयंत्र है। यह परियोजना फाइटोरिड प्रौद्योगिकी पर आधारित है और इसे नागपुर महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित किया गया है। खडगांव और वाडी क्षेत्र से बहने वाले पानी को यहां शुद्ध किया जाता है और यह पानी फिर अंबाझरी झील में प्रवाहित होता है। दिलचस्प बात यह है कि अंबाझरी झील में अशुद्ध जल आपूर्ति के कारण झील में जल लिली उग रही है। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने संपूर्ण एसटीपी परियोजना का निरीक्षण किया।

परियोजना में जल ग्रहण बिंदुओं और उन स्थानों का निरीक्षण किया गया जहां जल को संसाधित कर जल में छोड़ा जाता है। इस दौरान उन्हें एसटीपी परियोजना का कार्य असंतोषजनक लगा। इसलिए, नागपुर महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के प्रभारी आयुक्त डॉ. अभिजीत चौधरी ने एसटीपी परियोजना से संबंधित कार्यों की जांच के आदेश दिए हैं।