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Nagpur

मेडिकल अस्पताल में वेंटिलेटर के इंतज़ार में 17 साल की वैष्णवी ने तोडा दम


नागपुर- नागपुर के मेडिकल अस्पताल में फिर एक बार अव्यवस्था का आलम देखने को मिला है.यवतमाल के वणी निवासी 17 वर्षीय वैष्णवी राजू बागेश्वर मरीज की 40 घंटे के दौरान भी वेंटिलेटर बेड नहीं मिलने के चलते मौत हो गयी.वैष्णवी को बचाने के लिए उसके माँ-बाप लगातार एम्बूबैग पम्पिंग के सहारे उसे ऑक्सीजन देते रहे लेकिन उनकी मेहनत नाकाम साबित हुई और बेटी की मौत के बाद रोते बिलखते परिजन उसके शव को लेकर घर वापस लौट गए.17 साल की वैष्णवी लगभग 40 घंटे तक वेंटिलेटर का इंतज़ार करती रही जो उसे नहीं मिला। गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचने के बाद उसे वार्ड नंबर 48 में भर्ती कराया गया था लेकिन उसकी हालत को देखते हुए उसे तत्काल वेंटिलेटर की आवश्यकता थी.मगर मेडिकल अस्पताल में आयसीयू में 30 में से एक भी बेड ख़ाली नहीं था.
माँ-बाप लगातार बैग से बेटी को ऑक्सीजन देते रहे जबकि उन्हें यह भी बता नहीं था की बैग की पंपिंग कैसे और कितनी देर करनी है.गौरतलब हो की कुछ समय पूर्व ही देश में आये कोरोना संकट के बीच देश में वेंटिलेटर की इतनी चर्चा हुई और सरकार द्वारा कहा गया की वेंटिलेटर की कमी नहीं होगी।बावजूद इसके एक 17 साल की लड़की की जान वेंटिलेटर नहीं मिलने के चलते ही चली गयी.