logo_banner
Breaking
  • ⁕ सैंड इस्तेमाल को बढ़ावा देने राज्य में नई पॉलिसी लागू; राजस्वमंत्री बावनकुले ने की घोषणा, शर्तें तोड़ने पर लाइसेंस होगा रद्द ⁕
  • ⁕ लावणी पर थिरकी एनसीपी अजित पवार गुट! पार्टी कार्यालय के भीतर नाच-गाने पर बवाल, आलाकमान ने अध्यक्ष अहिरकर से माँगा स्पष्टीकरण ⁕
  • ⁕ Buldhana: कंस्ट्रक्शन वर्कर के नाम पर फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर वसूली, दो ऑनलाइन सेंटरों पर छापा, लेबर विभाग की बड़ी कार्रवाई ⁕
  • ⁕ Saoner: सावनेर के चंपा शिवार में सड़ी-गली हालत में मिला शव, खापरखेड़ा से गुमशुदा व्यक्ति की हुई पहचान ⁕
  • ⁕ Buldhana: जिले में बेमौसम बारिश ने दी दस्तक, कटाई के सीजन में फसलों को भारी नुकसान का खतरा ⁕
  • ⁕ Chandrapur: केसला घाट इलाके में बाघ ने बाइक सवार पर किया हमला, लोगों में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Amravati: कमुंजा फाटा के पास तेज़ रफ़्तार बस ने बाइक को मारी टक्कर, हादसे में एक की मौत, एक गंभीर ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Nagpur

नागपुर विभाग में 10 महीने के अंदर 289 किसानों ने की आत्महत्या, कईयों पीड़ितों को नहीं मिली सहायता 


नागपुर: पिछले कई दशकों से विदर्भ में किसान आत्महत्या सबसे बड़ा मुद्दा रहा है। हर सरकार आती है और किसान आत्महत्या रोकने का दावा करती है। लेकिन हकीकत दावों से कोसो दूर नजर आती है। हर साल विदर्भ में सैकड़ो किसान मौत को अपने गले लगा लेते हैं। इसी बीच एक बेहद चौकाने वाली जानकारी सामने आई है, जिसके तहत नागपुर विभाग में पिछले 10 महीने में 289 किसानों ने आत्महत्या की है। जिनमेंसे   131 प्रकरणों की जांच नहीं हुई है, जिससे पीड़ित परिवार मुआवजा से वंचित है। 

नागपुर संभाग में उपराजधानी सहित छह जिले आतें है। जिसमें 239 किसानों ने आत्महत्या की है। हालांकि, आत्महत्याओं की तुलना में सहायता पात्र की संख्या में बेहद कमी देखी गई है। जिसके तहत कुल मामले में केबल 95 को ही सहायता मिली है। 

जारी रिपोर्ट के अनुसार, नागपुर जिले के 53 मामलों में से 16 मामले सहायता के पात्र हुए हैं। 7 को अयोग्य घोषित किया गया है और 30 मामले की जांच लंबित हैं। वर्धा जिले के 128 मामलों में से 41 मामले सहायता के पात्र थे। 36 को अयोग्य ठहराया गया है और 51 मामले जांच के लिए लंबित हैं।

भंडारा जिले के 20 प्रकरणों में से 06 प्रकरण सहायता के पात्र थे। 12 को अयोग्य घोषित किया गया है और 2 मामले जांच के लिए लंबित हैं। गोंदिया जिले के 05 प्रकरणों में से 03 प्रकरण सहायता के पात्र थे। 2 अयोग्य है। चंद्रपुर जिले के 83 प्रकरणों में से 29 प्रकरण सहायता के पात्र थे। 06 को अयोग्य घोषित किया गया है और 48 मामले जांच के लिए लंबित हैं।

राज्य भर में  2,498 किसानों ने की आत्महत्या

जनवरी से नवंबर 2021 के 11 महीनों में राज्य में लगभग 2,498 किसानों ने आत्महत्या की है। अधिकारियों का यह दावा झूठा साबित हुआ है कि दी गई हर मदद किसानों तक पहुंची है। किसान कर्जमाफी योजना के बाद भी राज्य में किसानों की आत्महत्या नहीं रुक रही है, इसलिए फसल व्यवस्था में बदलाव की मांग उठ रही है।

सरकार किसानों के लिए बिजली बिल माफी से लेकर विभिन्न कर्जमाफी और रियायत योजनाओं को लागू करती है। सिस्टम द्वारा दावा किया जाता है कि योजना का लाभ किसानों तक पहुंच गया है। यह आँकड़ा सिद्ध करता है कि दावे पूरा सच नहीं है।  2020 में राज्य में 2,547 किसानों ने आत्महत्या की। विदर्भ किसानों की आत्महत्याओं के लिए जाना जाता है। इनमें यवतमाल में 270 और अमरावती जिले में 331 किसानों ने आत्महत्या की।

नागपुर मंडल में किसान आत्महत्याओं की स्थिति (अक्टूबर 2022)

        जिला आत्महत्या

  • नागपुर - 53
  • वर्धा - 128
  • भंडारा - 20
  • गोंदिया - 05
  • चंद्रपुर - 83
  • गढ़चिरौली - 00