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Nagpur

नागपुर विभाग में 10 महीने के अंदर 289 किसानों ने की आत्महत्या, कईयों पीड़ितों को नहीं मिली सहायता 


नागपुर: पिछले कई दशकों से विदर्भ में किसान आत्महत्या सबसे बड़ा मुद्दा रहा है। हर सरकार आती है और किसान आत्महत्या रोकने का दावा करती है। लेकिन हकीकत दावों से कोसो दूर नजर आती है। हर साल विदर्भ में सैकड़ो किसान मौत को अपने गले लगा लेते हैं। इसी बीच एक बेहद चौकाने वाली जानकारी सामने आई है, जिसके तहत नागपुर विभाग में पिछले 10 महीने में 289 किसानों ने आत्महत्या की है। जिनमेंसे   131 प्रकरणों की जांच नहीं हुई है, जिससे पीड़ित परिवार मुआवजा से वंचित है। 

नागपुर संभाग में उपराजधानी सहित छह जिले आतें है। जिसमें 239 किसानों ने आत्महत्या की है। हालांकि, आत्महत्याओं की तुलना में सहायता पात्र की संख्या में बेहद कमी देखी गई है। जिसके तहत कुल मामले में केबल 95 को ही सहायता मिली है। 

जारी रिपोर्ट के अनुसार, नागपुर जिले के 53 मामलों में से 16 मामले सहायता के पात्र हुए हैं। 7 को अयोग्य घोषित किया गया है और 30 मामले की जांच लंबित हैं। वर्धा जिले के 128 मामलों में से 41 मामले सहायता के पात्र थे। 36 को अयोग्य ठहराया गया है और 51 मामले जांच के लिए लंबित हैं।

भंडारा जिले के 20 प्रकरणों में से 06 प्रकरण सहायता के पात्र थे। 12 को अयोग्य घोषित किया गया है और 2 मामले जांच के लिए लंबित हैं। गोंदिया जिले के 05 प्रकरणों में से 03 प्रकरण सहायता के पात्र थे। 2 अयोग्य है। चंद्रपुर जिले के 83 प्रकरणों में से 29 प्रकरण सहायता के पात्र थे। 06 को अयोग्य घोषित किया गया है और 48 मामले जांच के लिए लंबित हैं।

राज्य भर में  2,498 किसानों ने की आत्महत्या

जनवरी से नवंबर 2021 के 11 महीनों में राज्य में लगभग 2,498 किसानों ने आत्महत्या की है। अधिकारियों का यह दावा झूठा साबित हुआ है कि दी गई हर मदद किसानों तक पहुंची है। किसान कर्जमाफी योजना के बाद भी राज्य में किसानों की आत्महत्या नहीं रुक रही है, इसलिए फसल व्यवस्था में बदलाव की मांग उठ रही है।

सरकार किसानों के लिए बिजली बिल माफी से लेकर विभिन्न कर्जमाफी और रियायत योजनाओं को लागू करती है। सिस्टम द्वारा दावा किया जाता है कि योजना का लाभ किसानों तक पहुंच गया है। यह आँकड़ा सिद्ध करता है कि दावे पूरा सच नहीं है।  2020 में राज्य में 2,547 किसानों ने आत्महत्या की। विदर्भ किसानों की आत्महत्याओं के लिए जाना जाता है। इनमें यवतमाल में 270 और अमरावती जिले में 331 किसानों ने आत्महत्या की।

नागपुर मंडल में किसान आत्महत्याओं की स्थिति (अक्टूबर 2022)

        जिला आत्महत्या

  • नागपुर - 53
  • वर्धा - 128
  • भंडारा - 20
  • गोंदिया - 05
  • चंद्रपुर - 83
  • गढ़चिरौली - 00