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Nagpur

कोरडी थर्मल प्लांट की 90 मीटर ऊंची चिमनी हुई जमीदोज 


नागपुर: कोरडी स्थित थर्मल प्लांट की 90 मीटर ऊंची चिमनी को गुरुवार को जमीदोज कर दिया गया। चिमनी को तोड़ने में तीन घंटे का समय लगा।  ज्ञात हो कि, जिस चिमनी को तोडा गया है 200 मेगावाट की इस इकाई को 1978 में चालू किया गया था। अवधि पूरी होने के बाद 2017 में इस इकाई को बंद करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही 210 मेगावाट क्षमता की इकाई संख्या 6 और 7 को भी इसी कारण से बंद कर दिया गया था।
 

बंद प्लांट को भंगार में बेचा 
 

प्लांट के बंद होने के कारण राज्य सरकार ने यूनिट 5 की इकाई को भंगार में बेंच दिया। बुलाई गई बोली में 78 करोड़ रुपये में कोलकाता की चिन्नर स्टील को दिया गया। जिसमें चिमनी तोड़ने का काम भी शामिल थी। 
 

दिल्ली की कंपनी को किया गया हायर
 

इस काम में माहिर मानी जाने वाली दिल्ली की एक कंपनी ने मंगलवार दोपहर चिमनी को गिराने का काम शुरू किया। करीब दो घंटे तक चिमनी का एक किनारा दो पोकलेन से कटता रहा। शाम 5.30 बजे चिमनी ढह गई। इस बार इलाके को खाली करा लिया गया। चिमनी को गिराते समय काफी सावधानी बरती गई। 100 मीटर क्षेत्र को खाली करा लिया गया और बैरिकेडिंग कर दी गई। यह काम विशेषज्ञों की मौजूदगी में किया गया। बारिश के कारण चिमनी गिरने के बाद धूल नहीं उड़ी। 
 

यूनिट सात की भी होगी नीलामी
 

महावितरण ने यूनिट पांच की तर्ज पर एक और यूनिट की नीलामी का निर्णय लिया गया है। एक अन्य इकाई की नीलामी की जाएगी। क्षतिग्रस्त इकाई के साथ ही 210 मेगावाट इकाई संख्या 7 की नीलामी की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इस यूनिट की चिमनी भी अगले साल तक इतिहास बन जाएगी, जबकि 210 मेगावाट यूनिट नंबर 6 को 15 साल के लिए दोबारा शुरू किया गया है।