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गायरान भूमि मामले पर अब्दुल सत्तार ने दिया स्पष्टीकरण, कहा- नियमों के तहत लिया निर्णय


नागपुर:  गायरान भूमि मामले पर विपक्ष कृषि मंत्री अब्दुल सत्तार पर लगातार हमलावर है। विपक्षी सत्तार से इस्तीफा मांग रहे हैं, इसको लेकर पीछे तीन दिनों से दोनों सदनों में हंगामा किया जा रहा है। वहीं इस मामले पर सत्तार ने स्पष्टीकरण दिया है। बुधवार को विधानसभा में जवाब देते हुए कृषि मंत्री ने कहा, “नियमों के तहत भूमि का आवंटन किया गया है। इसके पहले भी कई बार इस तरह के निर्णय लिए गए हैं।”

सत्तार ने कहा, “रकार के निर्णय के अनुसार भूमिहीन किसानों, अनुसूचित जनजातियों को कुछ भूमि प्रदान करने की अनुमति है। शासन के निर्णय अनुसार ऐसे व्यक्तियों के अतिक्रमणों को नियमित करने का निर्णय पूर्व में कई बार लिया जा चुका है।”

उन्होंने कहा, "इसमें स्कूल, अस्पताल, सार्वजनिक कार्यों के लिए इन नियमों में ढील दी गई है। इस मामले में पिछड़े वर्ग के लोगों, आदिवासी समाज के प्रमुख लोगों के लिए यह फैसला लिया गया है। इस निर्णय से राज्य सरकार को किसी भी तरह का नुकसान नहीं हुआ है।" उन्होंने आगे कहा कि, “राजस्व मंत्री के समक्ष पुनर्विचार याचिका दायर की गई है।”

कोई भी सजा भुगतने के लिए तैयार

 कृषि मंत्री ने कहा, "मेरे ऊपर लगे आरोपों के को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है।" उन्होंने कहा कि, "इस पर अदालत का जो भी आदेश होगा वह मुझे मान्य होगी। मुझे जो भी सजा मिलेगी, मुझे वह स्वीकार होगी।"