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अमोल मिटकरी ने प्रधानमंत्री मोदी को बताया रावण, मुख्यमत्री एकनाथ शिंदे ने लगाई फटकार


नागपुर: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी नेता अमोल मिटकरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर विवादित बयान दिया है। भाजपा नेता सुब्रमणियम स्वामी के एक ट्वीट को मुद्दा बनाते हुए मैटकारी ने प्रधानमंत्री को रावण कह दिया। एनसीपी नेता के इस बयान पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उन्हें जमकर फटकार लगाई। इसी के साथ उन्होंने कहा कि, विधायक के तौर पर उनका यह बयान बेहद गलत है।

ध्यानाकर्षण के दौरान अमोल मिटकरी  ने पंढरपुर कॉरिडोर का मुद्दा उठाते हुए पूर्व राज्यसभा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी के ट्वीट का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रावण बताया। एनसीपी नेता के इस बयान पर भाजपा विधायक भड़क गए और हंगामा करने लगे। इस कारण सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित कर दी गई।

एकनाथ शिंदे ने कहा, "हमारा घर सबसे ऊंचा है और इसकी पवित्रता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। पंढरपुर के ध्यानाकर्षण में अमोल मितकरी के सेंटीमेंट अच्छे रहे। श्रमिकों को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए। आषाढ़ी में जाने के बाद विकास का मामला मेरे संज्ञान में आया। सरकार का मानना ​​है कि किसी के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। मैं सकारात्मक रूप से उनकी बात सुन रहा था और जवाब देने जा रहा था। लेकिन इस देश के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में ऐसा बयान देना, सदन का अपमान है।"

उन्होंने आगे कहा कि 'सभी को इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि कोई भी इस तरह का बयान न दे। हमें अपना और उनका कुआं देखना चाहिए। मोदी इस देश के प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने हमारे देश का नाम पूरे विश्व में प्रसिद्ध किया है। आपको खडसे जी पर गर्व होना चाहिए। हमारे देश को G-20 में पूर्ण नेतृत्व करने का अवसर मिला है। लोग बातें करते रहते हैं, लेकिन जब दुनिया भर में हमारे देश के नेतृत्व का महिमामंडन हो रहा हो तो क्या आपको दुख होता है?”

एकनाथ शिंदे ने कहा,  “अमोल मितकरीजी, आप जो कह रहे हैं वह गलत है। किसी की भावना आहत नहीं होनी चाहिए। जब हम विधायक हैं तो हमें पता होना चाहिए कि हम किस बारे में बात कर रहे हैं। सभी को हॉल की पवित्रता बनाए रखनी चाहिए। आप का यह बयान निंदनीय है।"

मिटकरी ने मांगी माफ़ी

इसके बाद अमोल मितकरी ने सफाई दी कि ट्वीट को दो बार पढ़ने से पहले वह रुके थे, लेकिन अगर इससे सदन की भावना को ठेस पहुंची हो तो माफी मांगते हैं।