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Amravati: सांसद बोंडे ने शरद पवार पर बोला हमला, कहा- अब उनको सुनने पर आती है चीड़ 


अमरावती: भू-विकास बैंक के कर्ज माफ़ी पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार की टिप्पणी पर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल बोंडे ने हमला बोला है। उन्होंने कहा कि, "पवार साहब की बाते सुनकर अब चीड़ आने लगी है। उनकी सरकार में कर्मचारियों को तनख्वाह तक नहीं मिलती थी, लेकिन शिंदे-फडणवीस सरकार ने 35 हजार किसानों को कर्ज से मुक्ति दिलाई। पवार साहब लगातार कर्मचारियों और किसानों के विरोध में बोलते हैं।" 

बोंडे ने कहा, “35 हजार से ज्यादा किसानों के जमीन के कागजात पर भू-विकास बैंक के पास जमा था। जिससे न तो वह अपनी जमीनों को बेंच सकते थे और न ही अन्य बैंकों से कर्जा ले सकते थे। इसी के साथ किसानों के बच्चों को पढाई के लिए कर्ज भी नहीं मिलता था।”

उन्होंने कहा, 1998 से लगातार कर्ज माफ़ी की मांग की जारही थी, लेकिन ये पवार की सरकार ने नहीं शिंदे-फडणवीस सरकार ने किया। जिसके कारण इस वर्ष किसान और बैंक के कर्मचारी ख़ुशी से दीपावली का त्यौहार मनाया। 

बैंक कर्मियों को मिलेगी सुविधा 

राज्यसभा सांसद ने कहा, "पिछले कई सालों से बैंक के कर्मचारी राज्य सरकार से बैंक का कार्यभार अपने हाथों में लेने की मांग कर रहे थे। सरकार के इस निर्णय से बैंक के हजारों कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलेगा। पिछले कई सालों से रुकी सैलरी के साथ रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली सुविधा भी इन्हे मिलेगी। पवार को कर्मचारी विरोधी बताते हुए कहा कि, जब भी कर्मचारियों की बात आती है तो पवार साहब विरोध करते हैं। फिर चाहे एसटी कर्मचारियों की बात हो या अब भू-विकास बैंक कर्मियों की। वह लगातार विरोध करते हैं। इसी के साथ बोंडे ने पवार को विरोध करने की जगह भलाई की सोचने की सलाह दी।